रानीगंज - रानीगंज के 6 ग्राम पंचायतों के लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बुधवार को रांनीगंज के बीएलआर एंड आर ओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया.इस विरोध प्रदर्शन में बाँसड़ा के ब्रजेश्वर मण्डल,जेमेरी के तपन मण्डल, रानिसायर के कंचन तिवारी के अलावा काफी संख्या में लोग मौजूद थे. इनका कहना है कि एक तरफ तो राज्य की मुख्य्मंत्री ममता बनर्जी कहती हैं कि किसी भी कीमत पर तालाब की भराई करने नहीं दिया जाएगा, लेकिन पूरे रानीगंज में कई जगहों पर तालाबों की भराई की जा रही है ,और उनपर निर्माण किये जा रहे हैं.काफी लोगों के नाम बीएलआरओ के रिकॉर्ड से नदारद हो गए हैं . बीएलआरओ दफ्तर में दलाल राज चल रहा है जिससे लोगों का शोषण हो रहा है, लेकिन बीएलआरओ दफ्तर के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है. वहीं अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्टो के मुद्दे पर भी इन लोगों ने अपना विरोध जताया .इन लोगों ने इन्ही सब मुद्दों पर रानीगंज के बीएलआरओ सुब्रतो विश्वास के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया . क्षेत्र में बीते 6 महीने से बन रहे एक सड़क का हवाला देते हुए कहा कि अब तक नपाई नहीं हुई है इस वजह से सड़क का काम आगे नहीं बढ़ रहा है, लेकिन बीएलआरओ दफ्तर के पास इतना समय नहीं है कि सड़क की नपाई करके निर्माण कार्य पूरा कर सकें. उन्होंने कहा कि बीएलआरओ से बार-बार कहा गया है कि वह ऑफिस में बैठे ना रहकर जमीनी हकीकत का जायजा लेने विभिन्न इलाकों में जाएं लेकिन बीएलआरओ बाहर निकलते नहीं है . सियार सोल के रहने वाले स्वरूप गोराई ने कहा कि उनकी एक जमीन थी जो एलआर रिकॉर्ड में पंजीकृत हुआ था लेकिन अभी बीएलआरओ दफ्तर के रिकॉर्ड में उनके नाम पर जमीन नहीं दिख रही है. जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस बारे में जानना चाहा तो उनको कहा गया कि उन्हें वकील के माध्यम से केस करना होगा. केस करके भी 6 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी अपनी जमीन उनके नाम पर दर्ज नहीं हुई है .जबकि उनके पास जमीन की दलील भी है लेकिन उनको परेशान किया जा रहा है.दूसरी और इस विषय में बीएलआरओ सुब्रतो विश्वास से बात की तो उन्होंने कहा कि कुछ कुछ शिकायतें आ रही हैं जिन पर पूरी तरह से जांच होगी वहीं तालाबों की भराई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ऐसा जरूर हुआ है लेकिन बीएलआरओ तालाबों की भराई रोकने के लिए कटिबद्ध है. वह बीएलआरओ दफ्तर में दलाल राज्य कायम होने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा सच नहीं है. रानीगंज क्षेत्र में कौन सी जमीन वेस्टेड है इसकी खबर भू माफियाओं तक बीएलआरओ दफ्तर से दिया जाता है इस पर सुब्रतो विश्वास ने कहा कि ऐसा नहीं है इस तरह की कोई खबर बीएलआरओ दफ्तर से नहीं दी जाती क्योंकि वेस्टेड का ऐलान बहुत पहले किया जा.चुका है इसलिए हो सकता है कि कुछ भू माफियाओं को इसकी पहले से ही खबर रहती होगी .उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या दूर करने के लिए बीएलआरओ दफ्तर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है . टीएमसी नेता कंचन तिवारी ने कहा कि भू माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से लोगों की जमीनों पर कब्जा करना वेस्टेड लैंड पर कब्जा करना एक ही जमीन को दो-तीन बार बेच देना यह सब वाम फ्रंट के जमाने में भी होता था और टीएमसी के जमाने में भी हो रहा है .उन्होंने ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण कहा क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होती है उन्होंने कहा कि इससे पहले बीएलआरओ दफ्तर में उनके द्वारा जितने भी मामले भेजे गए थे सब का निपटारा बिल्कुल स्वच्छता के साथ हुआ था लेकिन फिर भी लोगों के मन में एक धारणा बैठ गई है कि बीएलआरओ दफ्तर में दलाल राज चल रहा है, इससे सरकार की बदनामी हो रही है.



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