रांनीगंज-बांग्लादेश के खुलना इलाके में 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक इंटरनेशनल आर्ट एग्जिबिशन का आयोजन किया गया था, यहां पर बांग्लादेश भारत तुर्की और इटली के 36 चित्रकारों ने हिस्सा लिया था. हर चित्रकार ने अपनी बनाई दो पेंटिंग को प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया था, कुल 72 चित्रों की प्रदर्शनी में रानीगंज के कुमार बाजार इलाके में रहने वाले तारक नाथ मंडल के चित्र को सर्वाधिक सराहा गया और उनको इंटरनेशनल आर्ट एग्जिबिशन के जजों ने उत्कृष्ट चित्रकारी के खिताब से नवाजा .रानीगंज लौटकर जब तारक नाथ मंडल आये तो उनके चेहरे से आर्ट एग्जिबिशन में खिताब जीतने की खुशी साफ झलक रही थी उन्होंने कहा कि 4 देशों के 36 अत्यंत गुणी चित्रकारों ने एग्जीबिशन में हिस्सा लिया था, और वहां के विचारकों के अनुसार उनके द्वारा बनाए गए. चित्रों को खिताब से नवाजा गया. उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनको चित्रकारी का शौक था. सिर्फ 8 साल की उम्र से उन्होंने चित्रकारी करना शुरू कर दिया था .उन्होंने बताया कि इस मामले में विश्व भारती के कला विभाग के पूर्व शिक्षक सुशील पाल ने उनको मार्गदर्शन दिया. उन्हें की बदौलत आज वह इस स्थान तक पहुंचने में सफल हुए हैं .उन्होंने कहा कि सुशील पाल द्वारा उनको कला कि वह बारीकियां सिखाई गई थी, जो उनके लिए काफी लाभप्रद हो रहा है. तारक नाथ मंडल ने कहा कि कोलियरी शहर रानीगंज से इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय एग्जिबिशन में यह खिताब हासिल कर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है. इसके लिए उन्होंने अपने माता पिता अपने गुरु सहित उन सभी को धन्यवाद दिया. जिन्होंने इतने सालों तक उनका साथ दिया है .उन्होंने कहा कि उनको बचपन से कला से इतना प्रेम था कि उन्होंने नेवी में बतौर इंजीनियर नौकरी तक छोड़ दी, क्योंकि उन्हें कला को पूरा समय देना था. और आज उन्हें बेहद खुशी हो रही है कि उनकी तपस्या रंग लाई उन्होंने अभिभावकों को भी सलाह दी कि वह अपने बच्चों के अंदर छिपी कला की प्रतिभा को उजागर करने की दिशा में पहल करें अगर उनके बच्चों में किसी भी कला के प्रति रुझान है तो उसे बढ़ावा दें कोई नहीं जानता कि माता-पिता का थोड़ा सा सहयोग एक बच्चे को किन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है.



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