आसनसोल : आसनसोल रामकिशुन डंगाल कंबल वितरण प्रकरण में आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक भाजपा पार्षद चैताली तिवारी को 22 दिसंबर को पूछताछ के लिए घर पर रहने की दूसरी नोटिस दी थी। लेकिन पार्षद चैताली तिवारी ने दूसरी बार भी इस नोटिस का अनदेखा करते हुए घर से नदारद रही।जिसके कारण गुरुवार को पूछताछ करने के लिए गई पुलिस के टीम को वापस बैरंग लौटना पड़ा। गौरतलब है कि बीते 14 दिसंबर को भाजपा पार्षद चैताली तिवारी ने अपने वार्ड में शिवचर्चा और कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करवाई थी। जिसमें कंबल वितरण के दौरान भगदड़ होने के कारण दो महिलाएं और एक बच्ची भीड़ के पैरों से कुचल कर मर गई। वहीं 6 महिलाएं घायल हो गई।इस मामले में 16 दिसंबर को आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने पार्षद चैताली तिवारी उनके पति पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी, पार्षद गौरव गुप्ता, भाजपा पार्षद अमित तुलस्यान समेत 10 लोगों एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामला दर्ज की थी। इसमें 6 लोगों को 16 दिसंबर की रात गिरफ्तार का आसनसोल न्यायालय में पेश कर पुलिस ने 8 दिनों के रिमांड पर लिया है। इसके बाद बीते मंगलवार को आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने पार्षद अमित तुलस्यान को दुर्गापुर से हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए आसनसोल उत्तर थाना लाई। जहां उनसे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।वही उसके पहले पुलिस ने चैताली तिवारी को 18 दिसंबर को पहली नोटिस जारी कर उन्हें 20 दिसंबर को पूछताछ करने के लिए घर पर रहने को कहा। लेकिन चेताली तिवारी घर पर नहीं मिली।उनके घर पर ताला लगा रहा।जिसके कारण पुलिस वापस लौट गई। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन दूसरी नोटिस उनके दरवाजे पर चस्पा दिया।जिसमें उन्हें 22 दिसंबर के सुबह 10:00 बजे घर पर रहने को कहा गया था। लेकिन गुरुवार को भी वह नहीं मिली। इधर चैताली तिवारी और जितेंद्र तिवारी ने अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि कोर्ट ने उनकी अर्जी को स्वीकार कर ली है। लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं आया है। देखना है कि अब पुलिस चैताली तिवारी को पूछताछ के लिए थाना बुलाने का क्या रवैया अपनाती है।


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