आसनसोल: बालू माफियाओं के स्वार्थ के लिए लाखों लोगों के जान पर पड़ी है। आखिरकार एक और मजदूर कि जान चली गई। पुलिस प्रशासन, जिला शासक, मंत्री, विधायक, सभी से गुहार लगाए। लेकिन प्रशासन कुंभर्कणी नींद सोया हुआ है। जागो प्रशासन जागो। कब तक कुंभर्कणी नींद सोय रहोगे।आखिर कब तक बेगुनाह निर्बल आम नागरिकों को बालू माफियाओं के स्वार्थ के लिए अपनी बली देनी पड़ेगी। अपनी सुख सुविधा से वंचित होना पड़ेगा। आखिर हमारे बीच से फिर कोई भाई इन मुट्ठी भर बालू माफियाओं की स्वार्थ का बली ना चढ़े। इस से बचने के लिए किससे गुहार लगाये। यह करुण गुहार है आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के डामरा इलाके के ग्रामीणों का। जहां सोमवार की सुबह बालू से लदे एक वाहन के चपेट में एक साइकिल सवार मजदूर आ गया। जिसके कारण घटनास्थल पर ही साइकिल सवार मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान डामरा घुसिक ढाड़ी पाड़ा निवासी गरीबन ढाड़ी के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोग जब तक एकत्रित होते।उससे पहले पुलिस ने आनन-फानन में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेज दिया। वही इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बालू धोने वाले वाहनों को तोड़फोड़ की और मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन करने लगे। हालांकि वहां तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता भी पहुंचे और उन्होंने भी मुआवजे की मांग की। उन नेताओं का कहना था कि आज फिर बालू से लदे वाहन के चपेट में एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन लोगों ने जिला शासक पुलिस प्रशासन विधायक मंत्री सभी को बालू ढुलाई बंद करने का आह्वान किया। कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। सड़क की अवस्था जर्जर हो गई है। लेकिन उन लोगों के मांग पर प्रशासन ने कभी भी गंभीर रूप से नहीं लिया और ना ही कोई कार्यवाही की हम लोगों ने आंदोलन भी किया लेकिन उल्टे पुलिस आंदोलनकारियों को ही दोषी ठहरा दी। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां। यह बालू माफिया हमारे सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही है वही खटीक बावरी नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि और कोई घटना होती है तो पुलिस को आने में समय लगता है लेकिन इस घटना में पुलिस आई और 5 मिनट के अंदर शव को लेकर चली गई। जब तक स्थानीय लोग एकत्रित होकर शव को रोकते। तब तक पुलिस शव को क्यों लेकर चली गई ?

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