जामुड़िया-जामुड़िया थाना क्षेत्र के केंदा फांड़ी अंतर्गत केंदा गांव के बाउरी पाड़ा में एक और भूधसान की घटना हुई है. इस बार एक आईसीडीएस केंद्र के ठीक पीछे एक घर के पिछवाड़े में यह धसान हुआ है, जिससे उस क्षेत्र में दहशत फैल गई. केन्दा गांव में आए दिनों भू धसान की घटना होते रहती हैं. देखा जा रहा है कि प्रशासन द्वारा बार-बार पुनर्वास की मांग करने पर उसे इनकार करने से ग्रामीणों के मन में गुस्सा बढ़ता जा रहा है. स्थानीय निवासी आरती बाउरी ने कहा कि हमलोगों को छोटे बच्चों को लेकर से हमेशा डर रहता है. कई बार गांव के अलग-अलग हिस्सों में भू धसान से क्षतिग्रस्त हो जाती है. हमें अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर ले जाया जाता है, कभी-कभी स्थानीय स्कूल में या कोलियरी के खाली क्वार्टर में. और कुछ दिनों के बाद हमें यहाँ मरने के लिए वापस भेज दिया जाता है. हमें या तो इससे उबरना चाहिए, या फिर ढहने के दौरान मिट्टी के नीचे दब जाना चाहिए. मौके पर टुमपा बाऊरी संध्या बाउरी, चंपा बाऊरी ने कहा कि जब भी कोई हादसा होता है तो प्रशासन को सूचना दी जाती है लेकिन किसी को हमारे ओर ध्यान ही नहीं जाता है आज सोमवार है ग्रामीणों ने मिल कर केंन्दा कोलियरी के एजेंट को एक माह की अर्जी दी. हमारे गांव में कोलियरी के कारण खेती बंद है, पीने के पानी की समस्या हमारी पुरानी है, हमारा गांव हर जगह धंस रहा है, जिसके कारण हमें तुरंत पुनर्वासन मिलना चाहिए . उन्होंने कहा कि ईसीएल ने हमें सात दिन का समय दिया है. हम यह देख रहे हैं कि ईसीएल प्रबन्धन इस सात दिनों में क्या कर रही है और नहीं तो फिर हम बड़े आंदोलन पर जायेंगे.


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