आसनसोल : आसनसोल के नागरिकों के लिए जितेंद्र तिवारी परम हितैषी है। यह दर्शाने का मौका जितेंद्र तिवारी कभी नहीं छोड़ते। वह बार-बार प्रमाणित करना चाहते हैं कि आसनसोल के विकास उनके लिए अपनी जान से भी प्यारी है। इसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कई बार इस बात की पुष्टि प्रेस वार्ता के दौरान भी की है। आसनसोल के विकास के लिए उन्हें कुर्सी को लात मारते देर नहीं लगी। इसलिए उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य आसनसोल का विकास है। इसके लिए वे हमेशा मुखर रहे हैं। आसनसोल नागरिकों के हितों के मुद्दे कभी प्रेस वार्ता, कभी ज्ञापन तो कभी ट्विटर के माध्यम से उठाते रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने आसनसोल रेलपार के विकास को लेकर तृणमूल नेताओं और नगर निगम पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष किया है। यह कटाक्ष उन्होंने ट्विटर के माध्यम से किया है। जितेंद्र तिवारी ने सोमवार को ट्वीट कर आसनसोल रेलपार की आत्मकथा लिखी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मैं आसनसोल रेलपार हूं। मेरी गलियां बेहद पतली है। इसलिए इधर कार नहीं आती और चूंकि कार नहीं आती, तो सरकार भी नहीं आती। इस ट्वीट के माध्यम से उन्होंने रेल पार के विकास को लेकर निशाना साधा है। इस ट्वीट से बुझा जा सकता है कि आसनसोल रेलपार में विकास नहीं हो रहा है। इसलिए आसनसोल रेलपार व्यथित है। यह तो राजनीति के लाल बुझक्कड़ बुझेगें कि यह व्यथा जितेंद्र तिवारी की है या रेलपार की। लेकिन जितेंद्र तिवारी के द्वारा लगातार किए जा रहे ट्विट ने साबित कर दिया है कि जितेंद्र तिवारी एक बार फिर से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और नगर निगम बोर्ड को घेरने का प्रयास तेज कर दिया है।


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