रांनीगंज-वक्त का हर शै गुलाम होता है यह बात हमे कोविड ने सीखा दिया है, कि समय बड़ा बलवान होता है.रुपया पैसा सब कुछ धरा रह गया ,एक रिक्शा वाला से लेकर एक अरब पति को भी कोरोना काल में एक रूम में बन्द रहना पड़ा,जानवरो को तरह रोटी दरवाजे के नीचे से दी जाती थी .यह बातें सोमवार को पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त जितेंद्र सिंह शंटी ने रांनीगंज के लायंस क्लब के सभागार में सुरक्षा एवं पीबी टीवी की तरफ से आयोजित अपने सम्मान समारोह के दौरान कहा.इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्किपिंग खिलाड़ी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्राप्त जोरावर सिंह को भी सम्मानित किया गया.इस मौके पर रांनीगंज के विधायक तापस बनर्जी,आसनसोल नगर निगम के चैयरमेन अमरनाथ चटर्जी के द्वारा दोनों अतिथियों को स्मृति चिन्ह,उत्तरीय पहना कर एवं मान पत्र देकर सम्मानित किया.कार्यक्रम के दौरान पर बिमल देव गुप्ता द्वारा लिखित बढ़ते कदम एवं दलजीत सिंह द्वारा ममता बनर्जी के जीवन से सम्बंधित संकलित किये गये पुस्तक ममतामयी माँ का विमोचन किया गया. अपने उद्गार पेश करते हुए कोरोना काल में 4 हजार शवों को अंत्येष्टि करने वाले जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि कोविड-काल में ऐसा भी हुआ है कि कई दिनों तक वह अपने घर नहीं जा सके थे. लगभग 22 दिनों तक वह अपने घर नहीं जा सके थे ,लाशों का अंतिम संस्कार करना, लोगों तक खाना पहुंचाना, दवाइयां पहुंचाना इन्हीं सब कामों में वह व्यस्त रहें. एक काम हुआ नहीं की दूसरे किसी काम का बुलावा आ जाता था और वह उस काम में व्यस्त हो जाते थे. इस दौरान उनके पास केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों से फोन आए इसी क्रम में एक दिन प्रधानमंत्री दफ्तर से भी उनको फोन आता है जब वह फोन उठाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोन पर है उन्होंने जितेंद्र सिंह शंटी को उनके सेवाओं के लिए सराहा और कहा कि जिस तरह से उन्होंने कोरोना काल में लोगों की सेवा की है वह अभूतपूर्व है और एक प्रेरणा स्रोत है. इसके उपरांत वेंकैया नायडू ने भी उन्हें फोन किया और कहा कि जिस तरह से गुरु गोविंद सिंह जी ने लोगों की सेवा करने का आदेश दिया था उसी राह पर चलते हुए जितेंद्र सिंह शंटी ने लोगों की सेवा की है . इसके उपरांत 21 जनवरी रात को देश के स्वास्थ्य मंत्री का फोन आया उन्होंने जितेंद्र सिंह शंटी को बताया कि इस साल पद्मश्री पुरस्कार के लिए उनके नाम का चयन किया गया है. वह देश के स्वास्थ्य मंत्री इस बात पर काफी हैरान हुए और कहा कि उन्होंने तो इसके लिए आवेदन भी नहीं किया है इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा की उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा है उन्हें आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है .अपने वक्तव्य में जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि जो यह पद्मश्री और को मिला है यह उन्हें नहीं मिला है उनकी टीम को मिला है उनके वाहन चालकों को मिला है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना में मृत व्यक्तियों की लाशों को अंतिम संस्कार के लिए ले गए .उन युवकों को मिला है जिन्होंने कोरोना पीड़ित व्यक्तियों तक खाना और दवाइयां पहुंचाईं . वैश्विक महामारी कोरोना के वक्त दिल्ली में 4 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मृतकों का दाह संस्कार किया भारत के स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की राह पर चल रहे हैं एवं गुरु ग्रंथ साहिब जी के बताए हुए रास्ते पर चल कर वह देश वासियो के लिए यह कार्य कर रहे है. 107 बार अपना रक्तदान कर चुके हैं.सुरक्षा के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि रानीगंज की धरती पर 2 महापुरुषों के आवागमन से हम लोग सभी कोयलांचलवासी गर्व महसूस कर रहे हैं. इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ साउथ बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज(फास्बेक्की), रानीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, मॉर्निंग वॉकर एसोसिएशन, मारवाड़ी युवा मंच, लायंस क्लब, प्रयास संस्था , सिख सेवा सोसायटी की तरफ से श्री शंटी को सम्मानित किया गया.पीवी टीवी एवं सुरक्षा की तरफ से सामाजिक कार्यों को अंजाम देने वाले आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी संस्था के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर गुरमत चैनल चढ़दी कला टेलीविजन के अंतरराष्ट्रीय क्यूज गुरमत प्रतियोगिता मैं भारत स्तर का सर्वश्रेष्ठ चयन होने के लिए प्रीति कौर सलूजा एवं जसप्रीत कौर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.



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