जामुड़िया- बीते 17 सितंबर को प्रातः लगभग साढ़े पाँच बजे सातग्राम एरिया अंतर्गत निमडांगा खदान के अंदर कोयला चाल गिरने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और सौदागर भुइयां की घटना स्थल पर ही मृत्यु के पश्चात भुंइया समाज उत्थान समिति द्वारा घटना की जांच तथा कोलियरी के सेफ्टी से जुड़े अधिकारियों को निलंबित कर स्थानांतरण की मांग को लेकर बीते एक सप्ताह पूर्व प्रदर्शन किया था. भुंइया समाज उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष सिंटू भुंइया ने प्रबन्धन को 6 दिनों की मोहलत दी थी.सोमवार 6 दिन पूरा होने एवं प्रबन्धन द्वारा कोई कदम न उठाते देख पुनः सिंटू भुंइया के नेतृत्व में एरिया कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा,महाप्रबंधक ने पुनः 5 दिनों का समय मांगा.सिंटू भुंइया ने कहा कि 5 दिनों के अंदर प्रबन्धन उनकी मांगों को नहीं मानती है तो संग़ठन पूरे सातग्राम एरिया के समस्त कोलियरियों में विरोध प्रदर्शन करेगी .सिंटू भुंइया ने इस प्रदर्शन के दौरान कहा कि सौदागर भुंइया का शरीर इतना अधिक क्षति-विक्षत हो गई थी कि उनके परिवार वाले सौदार भुइयाँ का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके . श्रमिको का आरोप है कि ऐसी दुःखद घटना सातग्राम कोलयरी में घटती ही रही हैं. विशेष रूप से निमडांगा कोलयरी में इस तरह की घटना कई बार घट चुकी हैं . 17 सितंबर की घटना को लेकर विभिन्न श्रमिक संगठनो की तरफ से सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को ताक में रखा गया था . अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए में एपीएम जीएम के समक्ष मौखिक रूप से सेफ्टी मैनेजर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारी को बर्खास्त एवं स्थानांतरन की मांग की गई थी.प्रदर्शन के दौरान एपीएम जीएम तथा अन्य अधिकारियों ने आंदोलनरत संयुक्त समिति के चार लोगों को अंदर बुलाया .इनमे दो पार्षद उषा देवी पासवान एवं भोला हेला, सोमेश मोहाली।प्रमुख रुप से उपस्थित थे.


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