आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में सीआईडी का नोटिस मिलने के बाद आसनसोल भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने तृणमूल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ बदले की राजनीति हो रही है। सीआईडी सूत्रों के अनुसार अंडाल थाने के एक पुराने मामले में जितेन्द्र को गवाह के तौर पर तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को नोटिस दिया गया है। मैं इस बारे में क्या कहूं? मैं कानून का पालन करता हूं। अगर आप हमसे गवाह के तौर पर जानना चाहते हैं तो हम आपको जरूर बताएंगे। जितेन्द्र तिवारी ने तृणमूल पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस राज्य का एक चतुर्थ श्रेणी का छात्र भी कह देगा कि यह बदले की राजनीति है। जहां सीबीआई पहले से ही कोर्ट की निगरानी में जांच कर रही थी, तभी अचानक सीआईडी को लगा कि हमें भी जांच करनी चाहिए, क्योंकि केन्द्र को सारी जानकारी मिल जाएगी, उन्हें गवाह के तौर पर बुलाओ- हर कोई समझता है कि क्या हो रहा है।
जितेन्द्र के आरोप पर तृणमूल सांसद शांतनु सेन ने कहा कि पिछले कुछ सालों में देश में 570 विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या यह राजनीतिक बदला नहीं है? 21 जुलाई की रैली के बाद ईडी की तलाशी, क्या यह प्रतिशोध नहीं है? वहीं चुनाव में विजयी विपक्षी नेता का नाम होने के बावजूद उनके ख़िलासफ़ कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। मालूम हो कि आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र के अलावा आसनसोल के जिला संभाग प्रभारी विद्यासागर चक्रवर्ती, आसनसोल के भाजपा नेता सुब्रत मिश्रा, बांकुड़ा के पूर्व भाजपा अध्यक्ष विवेकानंद पात्रा को भी सीआईडी ने नोटिस भेजा है।


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