रानीगंज-रानीगंज की पुरानी परंपरा को बनाए रखने के लिए रानीगंज के कई क्लब संगठन लंबे समय से दुर्गा पूजा के बाद लक्ष्मी पूजा के अगले दिन ही महावीर अखाड़े में आयोजन करते हैं. पिछले कुछ वर्षों इस कार्यक्रम में कई बदलाव हुए हैं, लेकिन इस बार फिर से पुराने रिवाज का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन महावीर अखाड़ा क्लब संगठनों के साथ रानीगंज थाना में बैठक कर महाबीर अखाड़े में भाग लेने के लिए कौन सा मार्ग अपनाएं और किन नियमों का उन्हें पालन करना होगा इसकी जानकारी दी गई.रानीगंज थाना निरीक्षक सुदीप दासगुप्ता और कमिश्नरेट के एसीपी सेंट्रल दो श्रीमंत बनर्जी ने विभिन्न वार्ड पार्षदों के साथ क्षेत्र के फायर ब्रिगेड के सदस्यों और ग्यारह महाबीर अखाड़ों के सदस्यों के साथ बैठक की . बैठक में रानीगंज बोरो प्रभारी दिवेन्दु भगत,पार्षद नेहा साव, खाखी मंडली के चंद्रभान खटीक,शालडांग बजरंग क्लब के विजय गौड़, हाटतला महाबीर अखाड़ा कमिटी के नरेश साव आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे. यहां पुलिस।द्वारा रूट मैप की घोषणा भी की.हालांकि, कई क्लब संगठनों ने कहा है कि वे इस बार महावीर अखाड़ा नहीं निकालेंगे. उन्होंने साफ किया कि रानीगंज का अखाड़ा का इतिहास लगभग 150 वर्ष प्राचीन है,अगर प्रशाशन पुराने रूट पर अखाड़ा निकालने का आदेश देगी तभी अखाड़ा वह लोग अखाड़ा निकालेंगे. अगर वह लोग पूजा और विभिन्न कार्यक्रम करते हैं भी तो भी वे महावीर अखाड़े का जुलूस नहीं निकालेंगे.
हालांकि ज्ञात हो कि महावीर अखाड़ा निकाले जाने पर सिर्फ लाठी के खेल का प्रदर्शन की जायेगी.

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