आसनसोल : आसनसोल दक्षिण थाना स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सा के दौरान बुधवार को एक पूर्व सैनिक की मौत हो गई। जिसके कारण सैनिक के परिजनों ने चिकित्सक पर गलत चिकित्सा करने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम बंद करने और मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन किया।इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के तरफ से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर विरोध कर रहे परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। बाद में अस्पताल प्रबंधन के द्वारा परिजनों के साथ बैठक करने के आश्वासन के बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। घटना के संबंध में मृतक के दोस्त विमल सिंध ने बताया कि मृतक 38 वर्षीय निर्पेन गोराई एक पूर्व सैनिक थे। वह गंगाजलघाटी निवासी थे।11 सितंबर को मंगलपुर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे। जिसके कारण बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने घायल अवस्था में उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती करवाई। मृतक के परिजनों का कहना है कि वहां डॉक्टर निर्झर माझी ने सलाह दिया कि जिला अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स डॉक्टर नहीं हैं। इसलिए आप लोग इन्हें बाहर ले जाएं। उनके सलाह पर वे लोग एसबी गोरई रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती करवाएं। उनका पैर का ऑपरेशन डॉक्टर ने किया। उस समय उन्होंने मरीज की हालत स्थिर बताई। लेकिन अचानक रात में उन्होंने कहा कि मरीज की अवस्था बिगड़ गई है। इन्हें आईक्यूसीटी या अन्य अस्पताल ले जाना होगा। उनके सलाह पर पूर्व सैनिक संगठन के कुछ सदस्य और उनके परिजनों ने सलाह किया कि वेआईक्यूसीटी ले जाएंगे वहां ले जाने के बाद इनकी हालत को देखकर आईक्यूसीटी के चिकित्सक ने भर्ती लेने से इनकार कर दिया। फिर वे लोग आकर इसी नर्सिंग होम में भर्ती करवाए, तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। विमल ने कहा कि दरअसल में चिकित्सक के द्वारा ऑपरेशन के बाद गलत चिकित्सा किया गया। जिसके कारण एक पूर्व सैनिक की जान चली गई। वहीं मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य साथी कार्ड के नाम पर केवल लोगों को बरगलाया जा रहा है। बड़े-बड़े शब्दों में लिखे हैं कि स्वास्थ्य साथी कार्ड कि यहां मान्यता है। लेकिन स्वास्थ्य साथी कार्ड पर इनके पास कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। जैसे ही मैंने पैसा देने की बात कही। सभी सुविधा दे दी गई। उन्होंने कहा कि गलत चिकित्सा के कारण मेरी पति की जान गई। अब ऐसा और दूसरे किसी मरीज के साथ ना हो। कोई बच्चा अपने पिता का साया से मरहुम न हो। इसके लिए इस नर्सिंग होम को बंद किया जाए और मुझे उचित मुआवजा दी जाए।

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