आसनसोल : गौ तस्करी के मामले में आसनसोल जेल में बंद तृणमूल के दिग्गज नेता ममता बनर्जी के करीबी अनुब्रत मंडल का दुर्गापूजा आसनसोल जेल में ही मनेगी। बुधवार को अनुव्रत मंडल को आसनसोल के सीबीआई अदालत में पेश किया गया जहां न्यायाधीश ने फिर से अनुव्रत मंडल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यही इस बीच दुर्गा पूजा की छुट्टी है अतः अब संभावना व्यक्त की जा रही है कि छु्ट्टियों के कारण अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
बुधवार को अनुव्रत मंडल की पेशी के बाद उनके वकील संदीपन गंगोपाध्याय और अनिर्बान गुहा ठाकुर ने जमानत के लिए आवेदन किया। उनका तर्क था कि गौ तस्करी मामले के मुख्य आरोपी की जमानत दे दी गई है। कोई 32 दिन जेल में रहा तो कोई 33 दिन। बिना जेल हिरासत के किसी को जमानत नहीं दी गई है। गौ तस्करी मामले के मुख्य आरोपी इनामुल हक, बीएसएफ अधिकारी सतीश कुमार, इनामुल की पत्नी रशीदा बीबी, बिकाश मिश्रा, शेख अब्दुल लतीफ, अनारुल शेख, तान्या सान्याल, बादल सान्याल को जमानत दे दी गई है। वकीलों के मुताबिक भारत से बांग्लादेश में गायों की तस्करी के आरोपियों को जमानत मिल गई है। और जिस पर बीरभूम से मुर्शिदाबाद गाय ले जाने का आरोप है वह जेल में है। सुधार गृह में शौचालयों की स्थिति खराब होने एवं जेल में खाना-पीना भी ठीक नही होने की वजह से 65 वर्षीय अनुव्रत की तबीयत और बिगड़ सकती है।
वहीं दूसरी ओर सीबीआई के वकील राकेश कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दो स्वैच्छिक संगठनों के जरिए काफी पैसे का लेन-देन किया गया। बैंक के जरिए काफी पैसा ट्रांसफर किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं के नाम पर कई कॉलेज खुल गए हैं। इस राज्य के अलावा अन्य राज्यों में भी ऐसा हुआ है। सभी पहलुओं पर विचार करें। इसके अलावा, सीबीआई ने अनुब्रत की जमानत का विरोध करने वाले प्रभुत्व-सिद्धांत को फिर से पेश किया। उन्होंने अदालत में दावा किया कि अनुव्रत इतना प्रभावशाली है कि अगर वह बाहर आता है, तो वह विभिन्न तरीकों से जांच में समस्या पैदा कर सकता है। अंत में न्यायाधीश द्वारा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अनुव्रत मंडल की जमानत नामंजूर कर दी।

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