डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर के प्रेक्षागृह में 30वाँ नेशनल चिल्ड्रेन्स साइंस काँग्रेस का ज़िलास्तरीय आयोजन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा बायोटेक्नोलॉजी (पश्चिम बंगाल सरकार) एवं विज्ञान तथा तकनीकी (स्कूल एडूकेशन डिपार्टमेंट, पश्चिम बंगाल सरकार) के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया गया।
गायत्री मंत्रोचारण के मध्य दीपप्रज्वलन के पश्चात् विद्यालय के विभिन्न स्थानों पर आयोजित इस विज्ञान-प्रदर्शनी कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अनुमोदित विद्यालयों के अतिरिक्त सीबीएसई, आईसीएससी बोर्ड से संबंधित 17 विद्यालयों के 58 प्रशिक्षकों के साथ कक्षा छठी से लेकर ग्यारहवीं तक के 208 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी के अंतर्गत तीन कैटेगरी में प्रदर्शित कुल 166 परियोजनाओं में से 85 परियोजनाएँ राज्यस्तर हेतु चयनित की गईं। इसके अतिरिक्त 10 से 14 वर्ष के विद्यार्थियों की 83 परियोजनाएँ एवं 14 से 17 वर्ष के विद्यार्थियों की 83 परियोजनाएँ सहित छह से आठ वर्ष के विद्यार्थियों के 21 पोस्टर एवं 9 से 11 वर्ष के विद्यार्थियों के 26 मॉडल इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए। प्रतियोगिता में प्रदर्शित परियोजनाओं को उनके विषयवस्तु, पद्धति, परिणाम और भविष्यत् में उनकी उपयोगिता के आधार पर पुरस्कृत किया गया। पोस्टर कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार डीएवी मॉडल स्कूल दुर्गापुर, द्वितीय पुरस्कार डीएवी पब्लिक स्कूल, मेजिया, बाँकुड़ा, एवं तृतीय पुरस्कार मनिषा इंटरनेशनल स्कूल, दुर्गापुर को प्राप्त हुआ, जबकि मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर, द्वितीय पुरस्कार मनिषा इंटरनेशनल स्कूल, दुर्गापुर, एवं तृतीय पुरस्कार डीएवी पब्लिक स्कूल, पांडवेश्वर को प्राप्त हुआ। इन दोनों कैटेगरी में पुरस्कृत नन्हे विज्ञानियों को प्रथम पुरस्कारस्वरूप 1250 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 750 रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 500 रुपये अतिथियों के कर-कमलों द्वारा प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सौरभ चटर्जी, अनुमंडल दंडाधिकारी, दुर्गापुर, एवं सम्मानीय अतिथि के रूप में डॉ पार्थ भट्टाचार्जी, मुख्य वैज्ञानिक, सूचना तकनीकी, सीएसआईआर, सीएमईआरआई थे। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर दीप्तिमय दास, ज़िला योजना अधिकारी, पश्चिम बर्धमान, एवं बाँसरी गुहा, राज्य समन्वयक, एनसीएससी, पश्चिम बंगाल थीं। विद्यालय की प्राचार्य सह पश्चिम बंगाल डीएवी की क्षेत्रीय अधिकारी एवं एनसीएससी की ज़िला समन्वयक पापिया मुखर्जी ने राष्ट्रीय शिशु विज्ञान काँग्रेस के ज़िला स्तरीय आयोजन में आगत अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि सभ्यता का रथ रूका हुआ नहीं है। विज्ञान और तकनीकी के माध्यम से आज सर्वत्र अपना विजय पताका फहराता जा रहा है। बच्चों का स्वभाव जिज्ञासापूर्ण होता है, इसलिए उनकी मानसिकता, उनकी सकारात्मक सोच हमारे देश की राष्ट्रीय संपत्ति है। उनको बचाने की ज़रूरत है। इन बच्चों द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक-सामग्रियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि असल में सभी प्रतिभागी ही गवेषक हैं। ये सभी विजयी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में चढ़-बढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि हो सकता है इन्हीं में से कोई भविष्यत् में एक विश्व-प्रसिद्ध गवेषक या विज्ञानी बनेगा।
इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित विज्ञानी डॉ अमित गांगुली, वरिष्ठ मुख्य विज्ञानी, सीएमईआरआई, दुर्गापुर, एवं प्रो पथिक कुंभकार, भौतिक विज्ञान, एनआईटी, दुर्गापुर ने विज्ञान संबंधी अपने विचार और प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए। इस दौरान नन्हें विज्ञानियों एवं वरिष्ठ विज्ञानियों के मध्य प्रश्नोत्तर का दौर भी चला। धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।







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