अंडाल--:इसीएल के सोनपुर बजारी एरिया में पहली बार प्रबंधन ने प्रिंट मिडिया और इलेक्ट्रानिक मिडिया की टीम को सोनपुर बाज़ार क्षेत्र में हिंदी माह के अंतर्गत चल रहे विभिन्न गतिविधियों में एक और अध्याय को जोड़ा गया, जिसमें सोनपुर बाज़ारी क्षेत्र से जुड़े हुए हिन्दी भाषी पत्रकारों को सोनपुर बाज़ारी में एक साथ एकत्रित कर राजभाषा हिन्दी पर चर्चा की गई I साथ ही विभिन्न अख़बारों के पत्रकारों के साथ साथ सोनपुर बाज़ारी क्षेत्र के कार्मिक प्रबंधक, एस. ओ. ऐम. , नोडल ऑफ़िसर (राजभाषा) आदी मौजूद रह कर
सोनपुर बजारी प्रोजेक्ट का परिक्रमण कराया, इस परियोजना के संचालन और उत्पादन के साथ साथ सीएचपी सायलो प्रोजेक्ट जहां डायरेक्ट उत्पादित कोयला रेलवे रेक में बोझाई की जाती है।इसकी पुरी जानकारी दिया .इस सायलो प्रोजेक्ट से एक घंटे में 58 रेलवे का वैगन की बोझाई की जाती है।इस 58 रेलवे वैगन का बोझाई करने में पेलोडर से जहां तीन से चार घंटे लगता था, अब इस सायलो प्रोजेक्ट से 58 रेलवे रेक की बोझाई करने में एक घंटा लगता है।जब से सोनपुर बजारी सीएचपी सायलो प्रोजेक्ट शुरू किया गया, तब से तीन चार घंटे के भीतर तीन से चार रेलवे रेक की बोझाई की जाती है।
सोनपुर बजारी प्रोजेक्ट इसीएल के सबसे बडी और पूरी तरह से यांत्रिक परियोजना में से एक है। इस संबंध में महाप्रबंधक आनंद मोहन ने बताया
परियोजना से एक दिन में 35 हजार टन कोयला उत्पादन की जाती है।और एक दिन में दो लाख क्यूबिक मीटर ओबी हटाई जाती है।उन्होने कहा यहां सबसे बेहतर गुणवत्ता का कोयला उत्पादन की जाती है।
यह इसीएल के 12 मिलयन टन का सबसे बडी और 33 सालों तक चलने वाली परियोजना में से एक है।यह परियोजना जुलाई 1986 को शुरू हुआ था, यह प्रोजेक्ट 4681 हेक्टेयर जमीन पर संचालित की जायेगी।
इसके पहले महाप्रबंधक कार्यालय सभागार में बीडीओ के माध्य, एचओडी डीके रागित ,एरिया कार्मिक प्रबंधक अबीर मुखर्जी, सहायक कार्मिक प्रबंधक प्रियांका सिंह और अभिषेक दुदवाल ने परियोजना के बारे में बिस्तार से जानकारी दिया।

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