जामुड़िया-ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया कार्यालय के समक्ष सीटू से सम्बद्ध भारत की कोलियरी मजदूर सभा की और से बुधवार को विभिन्न मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.यह प्रदर्शन मुख्यता कोयला खदान में श्रमिकों की सुरक्षा, ग्यारह वां वेतन बोर्ड जल्द से जल्द लागू एवं ईसीएल के द्वारा संचालित स्कूलों को साजिश के तहत बंद करना आदि मुद्दों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया था. इस मौके पर यहां जेबीसीआई के सदस्य जे के श्रीवास्तव, सुजीत भट्टाचार्य ,शंभु चौधरी, कलीमुद्दीन अंसारी, राधेश्याम हरिजन ,नासिर मियां सहित सीटू के अन्य सदस्य और समर्थक गण मौके पर उपस्थित थे. विरोध प्रदर्शन के दौरान सुजीत भट्टाचार्य ने कहा कि जिस तरह से उत्पादन बढ़ाने के लिए खदान श्रमिकों के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ,वह श्रमिको के लिए बर्दाश्त से बाहर है . चाहे कोई भी कोलियरी हो सातग्राम या कुनुस्टोरिया या अन्य कोई कोलियरी जहां भी श्रमिक खदान के नीचे जाकर कोयला उत्पादन करते हैं वहां श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी. प्रबन्धन उत्पादन को बढ़ाने की फिराक में श्रमिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसके कारण खदानों मे कोई ना कोई घटना घटती रहती है. उन्होंने कहा कि जब सब चीजों में उन्नति हो रही है तो सुरक्षा में बेहतरी क्यों नहीं की जा रही है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कोल इंडिया में मुनाफा बढ़ा है तो कोल इंडिया को दुर्गापुजा बोनस कर्मियों को देने में क्यों हिचकिचाहट सरकार कर रही है. कोरोना महामारी के समय पूरे देश में पाबंदी लगी हुई थी उस संकट की घड़ी में कोल श्रमिक अपनी जान की बाजी लगा कर देश को विकट संकट की घड़ी में भी कोयले का उत्पादन कर पूरे देश को जगमग किया . कोल इंडिया के चेयरमैन प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब रिकॉर्ड कोयला उत्पादन कर कई अधिकारियों को सम्मानित किया जा रहा है तो कॉल कर्मियों को भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है. जब कोयला खदानों में उत्पादन बढ़ रहा मुनाफा बढ़ रहा एवं रेवेन्यू बढ़ रहा है तो क्यों नहीं कॉल कर्मियों का ग्यारह वां वेतन बोर्ड जल्द से जल्द लागू किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन सीटू तब तक करेगी जब तक श्रमिको की इन मांगों को पूरा।नहीं किया जायेगा.


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