सीबीआई जज को धमकी भरा पत्र भेजने के मामले में बप्पा चटर्जी ने करवाया गुप्त बयान दर्ज, कहा उसने कोई पत्र नहीं भेजा उसे साजिश के तहत फंसाया गया








आसनसोल : आसनसोल में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती को गाय तस्करी मामले में गिरफ्तार अनुब्रत मंडल को जमानत देने के लिए एक धमकी पत्र जारी किया गया था। पत्र भेजने वाले की पहचान पूर्वी बर्दवान कोर्ट के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के हेड क्लर्क बप्पा चट्टोपाध्याय के रूप में हुई है। आसनसोल दक्षिण थाने की पुलिस के साथ शुक्रवार सुबह बप्पा चट्टोपाध्याय ने न्यायिक दंडाधिकारी (सातवें) रंजन बोस के समक्ष आसनसोल जिला न्यायालय में गुप्त बयान दिया।पुलिस सूत्रों के मुताबिक धारा 164 के तहत यह गुप्त बयान लिया गया है। बाद में बप्पा चट्टोपाध्याय ने कहा, मेरे ऊपर लगे आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। मुझे फंसाया गया है। मैंने ऐसा कोई पत्र किसी को नहीं दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेरे हस्ताक्षर जाली थे। टिकट भी फर्जी है। मैंने पुलिस को बताया है।मैंने आज एक गुप्त बयान दिया। पुलिस जांच कर रही है। उन्हें पता लगाने दो। क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक तंत्र है? बप्पा ने उत्तर दिया नहीं। इस पत्र मामले में आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस और आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीडी खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी है।पुलिस पहले ही पिछले बुधवार और गुरुवार को बर्दवान गई और बप्पा से दो बार पूछताछ की।पुलिस ने उसके हस्ताक्षर का नमूना भी एकत्र किया। पुलिस विभिन्न स्रोतों से जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान बप्पा ने पुलिस को पूर्वा बर्दवान के एक वकील का नाम बताया है। उसने कहा कि वकील ने साजिश रचकर उन्हें इस तरह फंसाया। संयोग से, अनुब्रत मंडल की जमानत पर सुनवाई 10 दिन बाद सीबीआई हिरासत में गाय तस्करी मामले में बुधवार, 24 अगस्त को हुई थी। उससे ठीक दो दिन पहले सोमवार को आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती को यह धमकी भरा पत्र मेल में प्राप्त हुआ। उस पत्र में अनुव्रत मंडल को जमानत नहीं देने पर जज के परिवार वालों को ड्रग केस में फंसाने की धमकी दी गई थी। पत्र में बप्पा चट्टोपाध्याय का नाम और हस्ताक्षर था। मंगलवार को जज राजेश चक्रवर्ती ने जिला जज सुनीरमल दत्ता के जरिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजा। उसके बाद आसनसोल साउथ थाने की पुलिस ने पत्र की जांच शुरू की। बुधवार को सीबीआई की एक विशेष अदालत में जमानत पर सुनवाई से पहले, अनुव्रत मंडल ने खुद न्यायाधीश से पत्र की जांच की मांग की। लेकिन वह जज ने आवेदन खारिज कर दिया। हालांकि बुधवार को अनुव्रत मंडल को जमानत नहीं मिली। उन्हें 14 दिन के रिमांड पर जेल भेजा गया था। इस बीच आसनसोल साउथ थाने की पुलिस ने बताया कि जांच जारी है।

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