सीबीआई अदालत द्वारा केंदा एरिया जीएम मामले में सीबीआई को 30 मार्च तक स्पष्टीकरण करने का दिया निर्देश


 आसनसोल : कोयला तस्करी कांड में निलंबित ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के केंदा एरिया के महाप्रबंधक सुभाष कुमार मुखर्जी ने आसनसोल सीबीआई अदालत में सीबीआई अधिकारियों के द्वारा कुर्की की गई अपनी संपत्ति को वापस करने के लिए एक अर्जी दाखिल की है। जिसकी सुनवाई मंगलवार को करते हुए सीबीआई जज ने इस केस के जांच अधिकारी को यह आदेश दिया है कि आरोपी का किसी प्राथमिकी में नाम दर्ज नहीं है। उन्हें संदेह के आधार पर उनकी संपत्ति कुर्की की गई है। इसलिए इस मामले में उनकी भूमिका क्या है। प्रमाण के साथ 30 मार्च तक स्थिति को अधिकारी स्पष्ट करें। इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए सुभाष कुमार मुखर्जी के अधिवक्ता उदय चंद मुखर्जी ने बताया कि सीबीआई ने कोयला तस्करी कांड में संलिप्त होने के संदेह पर उनके मुवक्किल के घर और कार्यालय पर छापा मारकर कई कागजात किसान विकास पत्र, नकदी जब्त कर लिए हैं। साथ ही उनके घर पर ताला लगा दी गई है। जबकि उनके मुवक्किल ने यह संपत्ति वर्ष 2008 में खरीदी थी और यह केस 2020 में हुआ है। तो इन कागजातों और संपत्तियों से इस केस का क्या संबंध है।जबकि किसी भी प्राथमिकी में मेरे मुवक्किल का कोई जिक्र नहीं है। इसलिए अदालत ने भी यह आदेश दिया है कि 30 मार्च तक स्थिति को स्पष्ट किया जाए। गौरतलब है कि सीबीआई ने साल 2020 नवंबर में अनूप मांझी उर्फ ​​लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के महाप्रबंधक अमित कुमार धर (तत्कालीन कुनुस्तोरिया क्षेत्र अब पांडवेश्वर क्षेत्र) और जयेश चंद्र राय (काजोडा़ क्षेत्र) के अलावा ईसीएल के सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।जांचकर्ताओं को संदेह है कि कथित घोटाले में अवैध रूप से 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की गई थी। जिसे कुछ राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों को वितरित किया गया था। इसी अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई अधिकारियों ने 29 जुलाई 2021को केंदा एरिया के महाप्रबंधक सुभाष कुमार मुखर्जी से पूछताछ की थी।उनके आवास से कई महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेज जब्त किए गए ह। सुभाष कुमार मुखर्जी पहले पांडबेश्वर क्षेत्र के महाप्रबंधक थे। वह हाल ही में केंदा क्षेत्र के महाप्रबंधक बनाये गये थे। सुभाष कुमार मुखर्जी जब पांडबेश्वर एरिया में पदस्थापित रहे थे। तो सीबीआई ने एक बार वहां छापेमारी की थी। चूंकि सुभाष कुमार मुखर्जी उस दिन कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसलिए सीबीआई अधिकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा था। इन्ही कागजातों,दस्तावेजों और संपत्ति को पाने के लिए सुभाष कुमार मुखर्जी ने कोलकाता हाई कोर्ट में केस किया था। लेकिन कोलकाता हाई कोर्ट में निचली अदालत में केस करने को आदेश दिया।

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