रानीगंज -रूस एवं यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के तीसरे दिन भी युद्ध जारी है .भारत के रहने वाले छात्रो को भारत वापस लाई जा रही है.रांनीगंज के भी दो मेडिकल के छात्र-छात्रा यूक्रेन में फंसे हैं. यूक्रेन के लविव शहर स्थित डेनिलो होली टी स्काई मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र रोहित कुमार सिंह के पिता रानीगंज के गोपाल गोविंद स्पंज कारखाना में कार्यरत है .रोहित के माता सरस्वती सिंह एवं उसके पिता बलवंत सिंह को अपने पुत्र के सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है, हालांकि बलवंत सिंह का कहना है की उसके पुत्र रोहित से लगातार उनका परिवार संपर्क में है. रोहित के साथ साथ उसके विश्वविद्यालय में करीब ढाई सौ भारतीय छात्र है ,एवं इन छात्रों को भारतीय दूतावास के तरफ से यह कहा गया है कि वह अपने अपने इलाके के नजदीक बॉर्डर पर पहुंच जाएं ,जिससे उन्हें प्लेन के द्वारा भारत वापस लाने में सुविधा होगी. इस आदेश के तहत रोहित सिंह एवं उसके 50 भारतीय दोस्त लविव शहर के नजदीक पोलैंड बॉर्डर के पास शनिवार को पहुंचने वाले हैं एवं इसके लिए उन सभी छात्रों ने मिलकर एक बस भी किराए पर किया है. रोहित सिंह ने मोबाइल पर बताया कि पोलैंड बॉर्डर में लोगों की काफी भीड़ लगी हुई है,अफरा तफरी मचने की खबर तो है,पर उनलोगों के पास भी फिलहाल कोई दूसरा उपाय नहीं है,वह लोग किसी तरह अपने वतन भारत लौटना चाहते हैं .भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में वह लोग है .बलवंत सिंह ने बताया कि उनका पुत्र 2019 को यूक्रेन मेडिकल की पढ़ाई करने गया था,वह चतुर्थ वर्ष का स्टूडेंट है.दो वर्ष की और उसकी मेडिकल की पढ़ाई है.उन्होंने बताया के वर्तमान स्थिति में यूक्रेन सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की मदद छात्रो को नहीं मिल रही है दूसरी और रानीगंज के सर्जन सुरेश कुमार की पुत्री भी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है वह भी चौथे वर्ष की मेडिकल की पढ़ाई कर रही है . डॉक्टर सुरेश कुमार अपनी पुत्री का नाम बताने से इनकार करते हुए कहा की बताया कि उनकी पुत्री सकुशल है, एवं वह जहां यूक्रेन के वेस्ट में रहती है, वह इलाका पूरी तरह सुरक्षित है, एवं उसकी पुत्री से उनकी लगातार बात हो रही है .

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