दीघा : करोड़ों रुपये के वित्तीय गबन और भ्रष्टाचार के आरोप में दीघा मोहना कोस्टल थाने की पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो कद्दावर नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नेताओं के नाम सुजीत कर (पदिमा 2 अंचल के टीएमसी नेता व उपप्रधान) और सुबल साउ (कोषाध्यक्ष) हैं। इस गिरफ्तारी के बाद आज उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब कोर्ट ले जाते समय गुस्साए लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को निशाना बनाकर 'अंडा थेरेपी' दी (अंडे फेंके) और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।नयाकाली मंदिर और विकास बोर्ड के फंड में घोटाले का आरोपक्या है पूरा मामला: स्थानीय बीजेपी नेतृत्व का आरोप है कि इन दोनों टीएमसी नेताओं ने पदिमा 2 ग्राम पंचायत के अंतर्गत ऐतिहासिक "नयाकाली मंदिर" के निर्माण के लिए आए कई करोड़ रुपये का गबन किया है। इसके अलावा, उन पर 'दीघा शंकरपुर विकास बोर्ड' (DSDA) के फंड और पदिमा 2 अंचल के सरकारी पैसों में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर करने का आरोप है। करीब करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले की शिकायत के बाद दीघा मोहना कोस्टल थाने की पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।थाना परिसर में हंगामा, 10 दिनों की पुलिस हिरासत की मांगगुरुवार को जब पुलिस दोनों आरोपी नेताओं को थाने से अदालत ले जाने के लिए निकली, तो सुबह से ही वहां बड़ी संख्या में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया।नारेबाजी और प्रदर्शन: दोनों नेताओं को देखते ही भीड़ ने 'चोर-चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए।फेंके गए अंडे: आक्रोश इस कदर था कि नेताओं को लक्ष्य करके लगातार अंडे फेंके गए, जिससे सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।"यह तो बस शुरुआत है, आगे और भी नेता नपेंगे"स्थानीय भाजपा नेता कौशिक शुई ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "इन नेताओं ने लंबे समय से विभिन्न सहकारी समितियों (को-ऑपरेटिव सोसायटियों) में रहते हुए भी जमकर लूटपाट मचाई है। यहाँ तक कि भगवान के मंदिर के पैसों को भी नहीं छोड़ा। रामनगर 1 ब्लॉक में आज से इस 'अंडा थेरेपी' की शुरुआत हुई है। आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार में लिप्त कई अन्य बड़े नेता भी गिरफ्तार होंगे और उनके साथ भी यही हश्र किया जाएगा।"फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की गहराई से जांच और गबन किए गए पैसों की बरामदगी के लिए अदालत से दोनों टीएमसी नेताओं की 10 दिनों की पुलिस रिमांड (हिरासत) मांगी गई है।

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