जामुड़िया। पश्चिम बंगाल के बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में मजदूर संगठनों की भूमिका को लेकर मंगलवार को परासिया अंचल में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की एक सभा आयोजित की गई। सभा में अखिल भारतीय भारतीय मजदूर संघ की कार्यकारिणी समिति के सदस्य तथा जूट एवं वस्त्र उद्योग प्रकोष्ठ के प्रभारी जयनाथ चौबे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। मंच का संचालन हरेंद्र सिंह ने किया।
सभा में जयनाथ चौबे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित संगठन है और यही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा कुनुस्तोरिया कोलियरी को बंद करने की साजिश की जा रही है, लेकिन भारतीय मजदूर संघ ऐसा नहीं होने देगा। इसके लिए संगठन लगातार आंदोलन करेगा और यदि किसी अधिकारी द्वारा जानबूझकर कोलियरी बंद करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मजदूर किसी राजनीतिक दल का नहीं होता, बल्कि अपनी परिस्थितियों के कारण विभिन्न संगठनों से जुड़ता है। भारतीय मजदूर संघ में वही लोग शामिल किए जाएंगे जो संगठन की नीतियों और संविधान को स्वीकार करेंगे।
इस अवसर पर तापस घोष, महेंद्र गुप्ता, सहदेव यादव, अनिल सिंह, गंगाधर सिंह, आशीष घोष, पंकज तिवारी, ध्रुव सिंह और पवन सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



0 टिप्पणियाँ