आसनसोल: लगभग पांच साल के लंबे इंतजार के बाद, आसनसोल जिला अदालत के पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। मंगलवार को न्यायाधीश ने आरोपी शिवम बाउरी को 10 साल के सश्रम कारावास (कठिन कारावास) की सजा सुनाई। इसके साथ ही पीड़ित को 10 हजार रुपये का जुर्माना देने का भी निर्देश दिया गया है। जुर्माना न चुकाने पर आरोपी को छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
घटना की शुरुआत 29 सितंबर 2021 को हुई थी। जामुड़िया थाने के केंदा पुलिस चौकी क्षेत्र में 25 वर्षीय शिवम बाउरी ने एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का लगातार यौन उत्पीड़न किया था। इसके कारण नाबालिग गर्भवती हो गई और बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि घटना का पता चलते ही आरोपी के परिवार ने भी नाबालिग पर अत्याचार किया।
इसके बाद केंदा चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद तत्कालीन चौकी प्रभारी एसआई (SI) रजाउल करीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच शुरू की और उचित सबूत जुटाकर अदालत में पेश किए। इस मामले को दबाने का कई तरह से दबाव होने के बावजूद एसआई रजाउल करीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया और अपनी जांच जारी रखी।
लगभग पांच साल बाद दोषी को सजा मिलने पर पीड़ित नाबालिग का परिवार और उसके रिश्तेदार बेहद खुश हैं।



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