बांकुड़ा-विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही ओंदा में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। यहाँ हर दिन अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है। ताजा घटनाक्रम में 'आम जनता पार्टी' के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस लेकर तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ले ली है, जबकि दूसरी ओर तृणमूल के 18 परिवारों ने भाजपा का झंडा थाम लिया है।
1. नामांकन वापस ले टीएमसी में शामिल हुए हुमायूँ कबीर के 'सैनिक'
'आम जनता विकास पार्टी' के ओंदा विधानसभा प्रत्याशी मतिबुल खान ने मंगलवार रात को अपना नामांकन वापस ले लिया और तृणमूल प्रत्याशी सुब्रत दत्त की उपस्थिति में टीएमसी में शामिल हो गए। मतिबुल खान ने रेजीनगर जाकर हुमायूँ कबीर की पार्टी की सदस्यता ली थी और उनके निर्देश पर ओंदा से नामांकन दाखिल किया था।
तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने हुमायूँ कबीर की पार्टी के खिलाफ तीखा हमला बोला। सुब्रत दत्त ने कहा कि मतिबुल को यह समझ आ गया था कि आम जनता पार्टी केवल मुस्लिम वोटों को काटकर भाजपा को फायदा पहुँचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा चाहे किसी भी रास्ते से बंगाल पर कब्जा करने की कोशिश करे, बंगाल ममता बनर्जी का है और उन्हीं का रहेगा।"
2. मान-सम्मान की कमी का आरोप, 18 परिवार भाजपा में शामिल
एक अन्य घटनाक्रम में, रामसागर स्थित भाजपा कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। यहाँ 18 परिवारों ने भाजपा प्रत्याशी अमर शाखा के हाथों भाजपा का झंडा थामा। चूड़ामणिपुर क्षेत्र के पूर्व तृणमूल अंचल अध्यक्ष गयाराम मंडल के नेतृत्व में इन परिवारों ने पाला बदला। भाजपा में शामिल हुए लोगों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस में उन्हें उचित मान-सम्मान नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। वही (BJP प्रत्याशी) का बयान: अमर शाखा ने कहा, "जिन इलाकों में भाजपा कुछ कमजोर थी, वहां इस तरह के योगदान से पार्टी की शक्ति बढ़ रही है। जनता का समर्थन हमारे साथ है और ओंदा में भाजपा की जीत निश्चित है।"


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