वृंदावन के श्री राम जी भाई ने सुनाया सुग्रीव प्रसंग, उमड़ी भक्तों की भीड़ ; गायत्री परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा हुआ भव्य आयोजन
रानीगंज-क्षेत्र के आध्यात्मिक वातावरण को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से बादाम बागान स्थित गायत्री सेवा आश्रम के सत्संग भवन में आयोजित दो दिवसीय 'राम कथा एवं हनुमान कथा' का धार्मिक अनुष्ठान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ. गायत्री परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे परिसर को राममय बना दिया.
कथा का मुख्य प्रसंग: मित्रता और क्षमा का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धेय श्री रमाकांत मिश्र (राम जी भाई जी) ने भगवान श्री राम के आदर्शों और भक्त शिरोमणि हनुमान जी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया. विशेष रूप से सुग्रीव प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा की जब सुग्रीव अपने वचन को भूल गए थे, तब भी भगवान श्री राम ने उन्हें दंडित करने के बजाय समझाने का मार्ग अपनाया.जो भी प्रभु की शरण में आता है, परमात्मा उसे सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं. यह प्रसंग हमें मित्रता, क्षमा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए थे.रानीगंज बोरो-2 से आश्रम बादाम बागान तक भक्तों के लिए निशुल्क टोटो सेवा उपलब्ध कराई गई. कथा के पश्चात प्रतिदिन भक्तों के बीच भोग प्रसाद का वितरण किया गया.
कार्यक्रम की सफलता पर मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, सचिव गया प्रसाद पाण्डेय, सह मुख्य प्रबंधक श्रवण कुमार तोदी और कार्यक्रम संयोजक दयाशंकर राय ने कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी उद्योगपति राजेन्द्र प्रसाद चौधरी का भी आभार व्यक्त किया.
ट्रस्ट की और से आर. पी. खेतान ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति और सभ्यता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और ऐसे आयोजनों की प्रासंगिकता हर नगर-गांव में बनी रहेगी. अखिल विश्व गायत्री परिवार रानीगंज शाखा एवं ट्रस्ट मंडल ने सभी श्रद्धालुओं की उपस्थिति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की.


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