बांकुड़ा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने भारत जाकात माझी परगना महल के नेतृत्व में आदिवासी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और डिपुटेशन कार्यक्रम किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि आदिवासी समाज इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदर्शन में आदिवासी अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। उन्होंने बार-बार हो रहे उत्पीड़न, मातृभाषा में शिक्षा से वंचित करने, गैर-आदिवासियों को ST प्रमाणपत्र देने, वनाधिकार कानून 2006 के पूर्ण लागू न होने और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों से वंचित करने पर प्रशासन से जवाब मांगा।
साथ ही, संथाली शिक्षा बोर्ड के जल्द गठन और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

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