कोलकाता (पीबी टीवी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शंखनाद से पहले निर्वाचन आयोग ने राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। बुधवार को कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत खाका खींचा गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष चुनाव पर्यवेक्षक (Special Election Observer) और पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में राज्य की सुरक्षा मशीनरी के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जिनमें शामिल थे जिनमें पुलिस महानिदेशक (DG & IG),कोलकाता पुलिस आयुक्त (CP),ADG और IG स्तर के वरिष्ठ अधिकारी
हिंसा पर 'जीरो टॉलरेंस' का कड़ा संदेश
प्रशासनिक फेरबदल के बाद हुई इस पहली बड़ी समन्वय बैठक में चुनाव आयोग ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में केंद्रीय और राज्य बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए रणनीति तैयार की गई। पिछले अनुभवों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा कि चुनावी हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का सख्ती से पालन होगा। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हमारा लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ हर मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।"
हाल ही में आयोग द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल और नए अधिकारियों की नियुक्ति के बाद यह पहली बड़ी बैठक थी। इसे नए अधिकारियों के लिए एक 'ओरिएंटेशन' और 'एक्शन प्लान' तैयार करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। आयोग का पूरा ध्यान इस बार बंगाल चुनाव की छवि को सुधारने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बिना किसी व्यवधान के पूरा करने पर है।

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