जामुड़िया: जामुड़िया थाना अंतर्गत केंदा फाड़ी के चिचुड़िया मोड़ के पास मंगलवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया. एक तेज रफ्तार लॉरी ने मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.हालांकि, मोटरसाइकिल चालक लखींदर दास (28) ने तत्परता दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचा ली, उन्हें मामूली चोटें आई हैं.
हादसे के बाद भारी तनाव, सड़क जाम
घायल लखींदर दास डोबराना गांव के निवासी हैं और स्थानीय खास केंदा में सब्जी विक्रेता का काम करते हैं.घटना की खबर फैलते ही स्थानीय दुकानदार और ग्रामीण आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने बगड़िया और दरबाडांगा घाट से आ रहे दर्जनों बालू लदे ट्रकों को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस कारण लगभग आधे घंटे तक सड़क पूरी तरह बाधित रही और वाहनों की लंबी कतार लग गई.
पुलिस की कार्रवाई और समझाइश
तनाव की सूचना मिलते ही केंदा फाड़ी प्रभारी मदन मोहन दत्ता और एसआई तापस कुमार घोष दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और सड़क से अवरोध हटवाया. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल और लॉरी को जब्त कर फाड़ी ले गई है. घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया.
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चिचुड़िया मोड़ से प्रतिदिन अनगिनत बालू लदे ट्रक अत्यधिक गति से गुजरते हैं, जिससे राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है. यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग का एक महत्वपूर्ण मोड़ है और पास में ही स्कूल व घनी आबादी वाला बाजार है.इसके बावजूद यहां कोई ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं रहती. लोगों का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण इस मोड़ पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चिचुड़िया मोड़ पर स्थाई ट्रैफिक सिग्नल या पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.


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