रानीगंज- आसनसोल दक्षिण की विधायक और भाजपा नेत्री अग्निमित्रा पाल के नेतृत्व में मंगलवार को रानीगंज के नारायणकुड़ी, पुराना एवं नूतन एगरा क्षेत्रों में एक विरोध रैली का आयोजन किया गया. यह रैली हाल ही में भाजपा के 'पाड़ाए-पाड़ाए दीदी भाई' कार्यक्रम के दौरान हुए कथित हमले के जवाब में निकाली गई थी. रैली में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
हमले का करारा जवाब
विधायक अग्निमित्रा पाल ने कड़े लहजे में कहा कि टीएमसी अगर गुंडों के दम पर भाजपा कार्यकर्ताओं या बंगाल की जनता की आवाज दबाना चाहती है, तो यह उसकी भूल है. उन्होंने कहा, पिछले दिनों नूतन एगरा में हम पर हमला किया गया था, इसलिए आज हमने उसी स्थान पर दोबारा कार्यक्रम किया. भविष्य में भी अगर हमें रोकने की कोशिश हुई, तो हम दोगुनी ताकत के साथ उसी जगह वापस लौटेंगे.
युवाओं और बेरोजगारी पर तीखा प्रहार
राज्य की आर्थिक स्थिति और बेरोजगारी पर ममता सरकार को घेरते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि 15 वर्षों के शासन के बाद बंगाल के युवाओं की स्थिति दयनीय हो गई है. उन्होंने कटाक्ष किया कि एमए एमएससी और पीएचडी डिग्री धारक युवाओं को आज 1500 रुपये के बेरोजगारी भत्ते के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. विधायक ने आरोप लगाया कि रोजगार न होने के कारण युवा पलायन कर रहे हैं और बंगाल धीरे-धीरे एक 'वृद्धाश्रम' में तब्दील होता जा रहा है. उन्होंने 'युवा श्री' (जुबो साथी) परियोजना में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि दस्तावेज जमा करने के बावजूद रसीद नहीं दी जा रही है ताकि भविष्य में कोई सबूत न रहे.
महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद बंगाल में महिलाओं की असुरक्षा और राज्य में 'तुष्टीकरण की राजनीति' को लेकर भी विधायक ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने विकास के नाम पर केवल धर्म और राजनीति के आधार पर लोगों को बांटने का काम किया है.बंगाल की जनता अब टीएमसी के कुशासन से ऊब चुकी है.यह विरोध की आवाज आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान के जरिए बाहर आएगी और इस अत्याचारी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका जाएगा.


0 टिप्पणियाँ