जामुड़िया - पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच 'आवास योजना' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आसनसोल नगर निगम के जामुड़िया बोरो-1 अंतर्गत वार्ड संख्या 5 (पत्थरडांगा इलाका) से एक हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक दिहाड़ी मजदूर परिवार आज भी टूटे-फूटे और असुरक्षित घर में रहने को मजबूर है. यह मामला तब प्रकाश में आया जब भाजपा की ओर से चलाए जा रहे 'बूथ विजय अभियान' के दौरान पार्टी नेता इस इलाके में पहुंचे.
भाजपा का आरोप: "विकास के नाम पर लोगों को अंधेरे में रखा
भाजपा मंडल 4 के अध्यक्ष संजय सिंह ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया.उन्होंने कहा, टीएमसी दावा करती है कि बंगाल में चारों तरफ विकास हुआ है, लेकिन पत्थर डांगा की यह तस्वीर हकीकत बयां कर रही है. केंद्र सरकार की आवास योजना और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं का पैसा आम लोगों तक नहीं पहुँच रहा है क्योंकि टीएमसी के लोग आपस में ही बंदरबांट कर लेते हैं.
सिंह ने आगे कहा कि जिन 19 राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां जनता को सभी सुविधाएं मिल रही हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार आती है, तो इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। फिलहाल, भाजपा की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है.
टीएमसी का पलटवार: "केंद्र ने रोक रखा है जनता का पैसा"
वहीं, इन आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसी जिला उपाध्यक्ष साधन राय ने भाजपा पर केवल 'भाषणबाजी' करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, भाजपा के नेताओं को पता होना चाहिए कि आवास योजना केंद्र की योजना है और केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों से इस योजना का फंड रोक रखा है. इसी कारण जरूरतमंदों के घर नहीं बन पा रहे हैं.
राय ने आगे कहा कि न केवल आवास, बल्कि '100 दिन काम' का पैसा भी केंद्र द्वारा रोका गया है.उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता टीएमसी के साथ है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी पिछले रिकॉर्ड तोड़कर और अधिक सीटें जीतेगी.
सियासी खींचतान के बीच पिस रहा आम आदमी
एक तरफ जहाँ राजनीतिक दल एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं, वहीं पत्थरडांगा का वह गरीब परिवार आज भी इस उम्मीद में है कि कब उन्हें सिर छिपाने के लिए एक पक्की छत नसीब होगी. बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जी रहा यह परिवार अब केवल सरकारी मदद की गुहार लगा रहा है.


0 टिप्पणियाँ