कोलकाता (पीबी टीवी ): पश्चिम बंगाल में पुलिस महानिदेशक (DG) की नियुक्ति की प्रक्रिया में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित डीजी पैनल की सूची को वापस लौटा दिया है। इसके साथ ही आयोग ने राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्टता के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है।UPSC ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पैनल वापस करने के पीछे के तर्कों को स्पष्ट किया है। आयोग के अनुसार, राज्य सरकार ने नामों का प्रस्ताव भेजने में असामान्य देरी की है। पत्र में सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार राज्य सरकार को मौजूदा डीजी की सेवानिवृत्ति (Retirement) से कम से कम तीन महीने पहले संभावित नामों की सूची आयोग को भेजनी होती है।हालांकि, राज्य द्वारा देरी से सूची भेजने के बावजूद UPSC ने 30 अक्टूबर, 2025 को एम्पैनलमेंट कमेटी (Empanelment Committee) की बैठक बुलाई थी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में देरी को लेकर राज्य सरकार द्वारा दी गई दलीलों से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ।UPSC ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने यह निर्णय अटॉर्नी जनरल की कानूनी राय के आधार पर लिया है। आयोग ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि वह वर्तमान परिस्थितियों में पैनल को मंजूरी नहीं दे सकता, इसलिए राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से इस संबंध में उचित निर्देश या राहत प्राप्त करनी चाहिए।
यह घटनाक्रम राज्य और केंद्र के बीच प्रशासनिक तालमेल को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम और सुप्रीम कोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।



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