बांकुडा : बांकुडा जिले के बिष्णुपुर ब्लॉक से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ जनगणना फॉर्म (SIR) की सुनवाई के मानसिक तनाव के कारण एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हृदय गति रुकने से मौत हो गई।मृतिका रहीमा बीबी (65 वर्ष), निवासी- लेदर घाट गांव, भड़ा ग्राम पंचायत की रहने वाली थी. बताया जा रहा है कि एसाआईआर फॉर्म में 2002 की वोटर लिस्ट की जानकारी न दे पाने का दबाव के करण उनकी मौत ही गयी. आगामी 2 जनवरी को प्रशासन के समक्ष पेश होना था.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रहीमा बीबी ने अन्य ग्रामीणों की तरह ही अपना एसाआईआर फॉर्म जमा किया था। हालांकि, फॉर्म में 2002 के वोटर कार्ड या दस्तावेजों की जानकारी न होने के कारण उन्हें 'SIR' (Special Intensive Revision) सुनवाई के लिए नोटिस मिला था।
परिवार का दावा है कि रहीमा बीबी के पास वर्तमान के सभी दस्तावेज (आधार और वोटर कार्ड) मौजूद थे, लेकिन 2002 के पुराने रिकॉर्ड न होने के कारण वह बेहद डरी हुई थीं। आसपास के लोगों से 'डिटेंशन कैंप' और 'पुशबैक' जैसी चर्चाएं सुनकर उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया था।
पंचायत से भी नहीं मिली राहत
अपनी घबराहट दूर करने के लिए रहीमा बीबी कई बार स्थानीय पंचायत सदस्य के पास भी गईं। पंचायत सदस्य ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन सुनवाई की तारीख नजदीक आने के साथ ही उनकी बेचैनी बढ़ती गई। इसी तनाव के बीच कल उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई।

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