रानीगंज- रानीगंज के षष्ठि गोरिया जी.एस.एफ.पी. स्कूल में शुक्रवार को शिक्षा का मंदिर उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब स्कूल की प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षिका के बीच जमकर मारपीट हुई. इस घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और मिड-डे मील कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
शिक्षिका का आरोप: "गला दबाया और थप्पड़ मारा"
पीड़ित शिक्षिका चित्रा बाद्यकर ने आरोप लगाया कि आज एक शिक्षक के अनुपस्थित रहने के कारण प्रधानाध्यापिका मालती गोराई ने उन पर सभी कक्षाओं का भार डाल दिया. जब उन्होंने कार्यभार साझा करने (आधे क्लास लेने) का अनुरोध किया, तो प्रधानाध्यापिका आपा खो बैठीं.
चित्रा ने कहा की प्रधानाध्यापिका ने मुझ पर अचानक हमला कर दिया, मुझे थप्पड़ मारे और मेरा गला दबाया. यह पहली बार नहीं है; वे बच्चों के साथ भी क्रूर व्यवहार करती हैं.एक बार उन्होंने एक छात्र को इतना पीटा था कि वह बीमार पड़ गया था.
प्रत्यक्षदर्शी का बयान: "दोनों के बीच हो रही थी गुत्थमगुत्ता"
स्कूल में मिड-डे मील बनाने वाली अर्चना दे ने बताया कि वह रसोई में काम कर रही थीं, तभी चीख-पुकार सुनकर बाहर आईं. उन्होंने देखा कि प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका के बीच हाथापाई हो रही थी.अर्चना ने भी प्रधानाध्यापिका के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में बच्चों के साथ भी उनका आचरण ठीक नहीं रहा है.
प्रधानाध्यापिका की सफाई: "मिड-डे मील के पैसों की धांधली रोकने की सजा"
दूसरी ओर, प्रधानाध्यापिका मालती गोराई ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, प्रधान अध्यापिका होना कोई जुर्म नहीं है. बच्चों को पढ़ाने के लिए कहना मेरा कर्तव्य है, लेकिन जब मैंने शिक्षिका को क्लास लेने को कहा, तो उन्होंने ही मुझ पर हमला कर दिया.
उन्होंने घटना के पीछे एक बड़ी साजिश का दावा करते हुए कहा कि स्कूल में मिड-डे मील के पैसों की चोरी और धांधली की कोशिश की जाती है, जिसे वह रोकती हैं. इसी खुन्नस के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
शिक्षा विभाग की बढ़ी चिंता
एक प्राथमिक विद्यालय के भीतर शिक्षकों के बीच हुई इस मारपीट ने शिक्षा जगत को शर्मसार कर दिया है. अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि शिक्षक ही आपस में लड़ेंगे, तो बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा.अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई करती है.



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