रानीगंज- शहर के प्रमुख आवासीय परिसर वृंदावन धाम समिति प्रांगण में सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर भक्ति और सद्भावना का अनूठा संगम देखने को मिला.इस अवसर पर विद्या,कला ,संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई. आयोजन के उपलक्ष्य में दोपहर को 'खिचड़ी भोग' का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के सदस्यों सहित सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया.
भजन संध्या में इस्कॉन की धूम
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शाम को आयोजित इस्कॉन (दुर्गापुर) से सम्बन्धित 'श्री कृष्ण सदा हरि आसनसोल भजन मंडली' द्वारा प्रस्तुत भजन कीर्तन रहा.इस्कॉन के संतों ने जब अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ 'हरे रामा-हरे कृष्णा' का महामंत्र गुंजायमान किया, तो पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा. राजेश आचार्य, तन्मय प्रभु, तमाल प्रभु, शुभोजित प्रभु, बापी प्रभु और अक्षय प्रभु जैसे संतों की मधुर प्रस्तुति ने उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया. भजनों की लय ऐसी थी कि श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और भक्ति में सराबोर होकर झूमने-नाचने लगे.
समिति के अध्यक्ष उमेश सरायां ने बताया कि रानीगंज का यह आवासीय परिसर अपने आप में एकता की एक मिसाल है. उन्होंने कहा की यहाँ मारवाड़ी, पंजाबी, बंगाली और बिहारी समाज के लोग एक मोती की माला की तरह पिरोए हुए हैं.हम साल भर सरस्वती पूजा, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और होली जैसे त्योहार मिलकर मनाते हैं, जहाँ हर कोई एक-दूसरे के सुख-दुख का सहभागी होता है.
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रोफेसर स्वदेश मजूमदार, प्रमोद तोदी, सुभाष केजरीवाल, अशोक बुचासीआ, पवन खैतान, राजेन्द्र तोदी, पुनीत सतनालीका, मृत्युंजय दास, अनूप पोद्दार, पंचानन साधु, अरविंद बुचसीआ, तरुण कांति सांगुई और टिंकू गोयल समेत समिति के तमाम सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया.
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती के चरणों में शीश नवाया और आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया.




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