रानीगंज: शहर के वार्ड नंबर 92 अंतर्गत नेताजी सुभाष बोस रोड स्थित लक्ष्मी बाटिका भवन के पास मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो किरायेदारों के घरों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई. पीड़ितों ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें बेदखल करने के उद्देश्य से उनकी अनुपस्थिति में घर का दरवाजा तोड़कर आगजनी की गई और लाखों के कैश पर हाथ साफ कर दिया गया.
ताला तोड़कर लगाई आग, नकदी भी गायब
घटना सुबह करीब 9 बजे की है. पीड़ित किरायेदार नवीनचंद्र पटेल ने बताया कि जब वह सुबह की सैर के बाद लौटे, तो घर का नजारा देखकर दंग रह गए उनके मुख्य दरवाजे का निचला हिस्सा टूटा हुआ था और अंदर भीषण आग लगी थी.
नवीन पटेल के अनुसार घर में रखा सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया है.घर में रखे ₹1.50 लाख नकद गायब हैं, जिन्हें बैंक की छुट्टियों के कारण घर पर ही रखा गया था.पीड़ित परिवार पिछले 68 वर्षों से वहां रह रहा है और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है.
एक के बाद एक दो घरों को बनाया निशाना
अभी नवीन पटेल के घर की आग बुझी भी नहीं थी कि पास ही रहने वाले एक अन्य किरायेदार भास्कर त्रिवेदी के घर से भी धुंआ उठने लगा. घटना के वक्त भास्कर त्रिवेदी काम के सिलसिले में पंजाबी मोड़ गए हुए थे. उन्होंने भी आरोप लगाया कि उनकी गैर-मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर आग लगाई गई है.मकान मालिक पहले भी हमारे साथ मारपीट कर चुका है। कोर्ट में मामला होने के बावजूद हमें डराने और निकालने के लिए इस तरह की जानलेवा हरकत की जा रही है.
सूचना मिलते ही रानीगंज दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और तत्परता से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. रानीगंज थाने की पुलिस ने भी घटनास्थल का मुआयना किया.
पीड़ितों ने मकान मालिक के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, घटना के बाद से ही आरोपी मकान मालिक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और उनके घर पर ताला लटका मिला. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या जानबूझकर लगाई गई.




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