उत्तर 24 परगना (पीबी टीवी ): पश्चिम बंगाल के अशोकनगर इलाके में सरस्वती पूजा के दिन एक ऐसा वाकया हुआ जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। एक किशोर, नीली बत्ती वाली गाड़ियों के काफिले और हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ किसी बड़े 'साहब' की तरह स्कूल पहुँचा। लेकिन उसका यह नाटक ज्यादा देर नहीं चल पाया और अंततः पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ कर दिया।
शनिवार को सरस्वती पूजा के दौरान एक स्कूल के सामने अचानक कई गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों से कमांडो जैसे सुरक्षाकर्मी उतरे और बड़ी तत्परता से एक किशोर को घेरकर स्कूल के अंदर ले गए। स्कूल के छात्र और शिक्षक यह देखकर चकित रह गए कि इतना कम उम्र का अधिकारी कौन है। वह किशोर सीधे मुख्य अध्यापक (Headmaster) के कमरे में गया और बड़े रौब से बताया कि उसकी इनकम टैक्स विभाग में नौकरी लग गई है और वह आशीर्वाद लेने आया है।
उत्साहित होकर वह किशोर जब दूसरे स्कूल पहुँचा, तो वहां के प्रधान शिक्षक को उसकी उम्र और हाव-भाव देखकर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत अशोकनगर थाने को इसकी सूचना दी। पुलिस के पहुँचने की भनक लगते ही वह 'नन्हा अफसर' वहां से चंपत हो गया।
पुलिस ने मौके से लग्जरी गाड़ियों और निजी सुरक्षाकर्मियों (Bouncers) को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पूछताछ में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया:किशोर अभी नाबालिग है और उसने कंप्यूटर से एक फर्जी आई-कार्ड तैयार किया था। उसने अपनी धाक जमाने के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी से बॉडीगार्ड और गाड़ियां किराए पर ली थीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह केवल लोगों को प्रभावित करने और अपनी झूठी शान दिखाने के लिए यह सब कर रहा था। अशोक नगर थाने की पुलिस ने किशोर के परिवार को सूचित किया और बाद में उसे थाने बुलाकर पूछताछ की गई। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी और परामर्श देकर फिलहाल छोड़ दिया है। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसे गाड़ियां और सुरक्षाकर्मी किसने मुहैया कराए और क्या इसके पीछे कोई और बड़ी मंशा थी।
इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक स्कूली छात्र ने फिल्मी अंदाज में पूरे प्रशासनिक तंत्र और शिक्षकों को कुछ समय के लिए भ्रम में डाल दिया।


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