ऐतिहासिक रहा सात दिवसीय आयोजन; अनुशासन और भक्ति के संगम से गूंजा रानीगंज
रानीगंज- स्थानीय श्री सीताराम जी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का समापन मंगलवार को पूर्णाहूति और हवन के साथ आध्यात्मिक वातावरण में हुआ. समापन के इस विशेष अवसर पर ऋषिकेश से पधारे कथावाचक स्वामी अमृत प्रकाश जी महाराज ने मंदिर समिति को स्मृति स्वरूप एक गाय भेंट कर 'गौ सेवा' का प्रेरक संदेश दिया.
गौ सेवा ही संस्कृति का आधार: स्वामी जी
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी अमृत प्रकाश जी ने कहा कि भारतीय सभ्यता में गाय का स्थान सर्वोपरि है. उन्होंने गौ माता के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य बिंदु साझा करते हुए कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि का भी मार्ग है. गोबर और गोमूत्र की औषधीय उपयोगिता तथा कृषि में इनका महत्व सर्वविदित है. दूध, घी और मक्खन जैसे सात्विक तत्वों का आधार केवल गौ माता ही हैं.गाय के बिना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान अधूरा है। गौ सेवा ही वास्तव में मातृ सेवा और भारतीय जीवन मूल्यों का जीवंत प्रतीक है.स्वामी जी ने रानीगंज के इस आयोजन को 'ऐतिहासिक' करार दिया. उन्होंने मंदिर समिति की व्यवस्था और श्रोताओं के अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि कथा के दौरान दिखा धार्मिक उत्साह और संयम एक सशक्त और संस्कारवान समाज के निर्माण का शुभ संकेत है.कथा के विश्राम पर मंदिर प्रांगण में विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें यजमानों सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने आहुतियां दीं.इसके पश्चात महाप्रसाद (भंडारे) का वितरण हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की.आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमिटी के अध्यक्ष बिमल बाजोरिया, सचिव प्रदीप सरायां,कोषाध्यक्ष ललित झुनझुनवाला सहित अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही.



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