जामुड़िया : जामुड़िया ब्लॉक के चुरुलिया पंचायत अंतर्गत आनंदपुर इलाके में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. शैलाबाला बालिका विद्यालय से गोविंदपुर आठ नंबर मैदान तक करीब 80 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए पुनः ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया. भारी विरोध के बीच निर्माण सामग्री को कार्यस्थल से हटाना पड़ा।
मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जिला परिषद के फंड से बन रही इस सड़क में तय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. नियमों के मुताबिक निर्माण में 1½ इंच की गिट्टी का उपयोग होना चाहिए, लेकिन ठेकेदार द्वारा अत्यंत निम्न स्तर की सामग्री इस्तेमाल की जा रही है.ग्रामीणों ने कहा, "हमने 10 दिन पहले भी काम रुकवाया था. तब बीडीओ के आश्वासन पर काम शुरू हुआ, लेकिन स्थिति जस की तस है।" अब ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए बीडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.गुरुवार को ग्रामीणों ने जामुड़िया के बीडीओ को सामूहिक ज्ञापन भी दिया था.
पंचायत और विपक्ष ने भी घेरा
इस मामले ने शुक्रवार को राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. चुरुलिया ग्राम पंचायत प्रधान प्रदीप मुखर्जी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि उद्घाटन के समय तो उन्हें बुलाया जाता है, लेकिन निर्माण की लागत और सामग्री की तकनीकी जानकारी पंचायत के साथ साझा नहीं की जाती. भाजपा नेता संतोष सिंह ने इसे 'खुली लूट' करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता आगामी चुनाव में इस भ्रष्टाचार का करारा जवाब देगी.
प्रशासन का आश्वासन: 'सुधार कर बनेगा रास्ता'
विवाद बढ़ता देख जिला सभाधिपति विश्वनाथ बाउरी ने इलाके का दौरा किया.उन्होंने स्वीकार किया कि शायद 'शेड्यूल' (मानक) के मुताबिक काम में कुछ त्रुटि हुई हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि "राज्य सरकार की 'पथश्री' योजना के तहत सड़क निर्माण प्राथमिकता है. अगर कोई तकनीकी भूल हुई है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा और गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा. ज्ञात रही कि इस रास्ते को कुल लागत ₹80 लाख रुपया है,जिसे जिला परिषद फंड से बनाया जा रहा है.यह रास्ता आनंदपुर, चुरुलिया गतं पंचायत में बन रही है. ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई और निर्माण की उच्च स्तरीय जांचकी मांग की गई है. ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण निर्माण कार्य फिलहाल बंद कर दिया गया है.


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