'फिरे पावा' परियोजना के तहत चेहरे पर लौटी मुस्कान; थाना प्रभारी बोले— अपराधियों के लिए डर और आम जनता के लिए दोस्त है पुलिस
रानीगंज: स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर रानीगंज थाना परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की 'फिरे पावा' (वापस पाना) परियोजना के तहत पुलिस ने उन लोगों के चेहरे पर खुशी लौटा दी, जिनके मोबाइल फोन चोरी या गुम हो गए थे.
'फिरे पावा' से वापस मिली अपनी मोबाइल
रानीगंज थाना प्रभारी विकास दत्ता की मौजूदगी में आज कुल 60 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए. अपने खोए हुए मोबाइल को वापस पाकर लोगों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया. थाना प्रभारी ने बताया कि मोबाइल वापसी का यह अभियान तकनीक और पुलिस की सक्रियता का परिणाम है.
सेवा और सद्भावना का संगम
स्वामी विवेकानंद के 'जन सेवा ही प्रभु सेवा' के आदर्शों पर चलते हुए पुलिस ने केवल मोबाइल ही नहीं लौटाए, बल्कि सामाजिक सरोकारों को भी निभाया. कड़ाके की ठंड को देखते हुए क्षेत्र के सैकड़ों जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए गए. कार्यक्रम में आए लोगों और जरूरतमंदों के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था भी की गई.
"पुलिस आपकी मित्र है" — थाना प्रभारी का संदेश
लोगों को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी विकास दत्ता ने कहा की समाज में पुलिस को लेकर कई गलत धारणाएं हैं.हम चाहते हैं कि जनता यह समझे कि पुलिस का खौफ केवल अपराधियों के मन में होना चाहिए, आम नागरिकों के लिए पुलिस एक सच्चे दोस्त की तरह है. स्वामी जी के जन्मदिन पर उनके सेवा के संकल्प को दोहराते हुए हमने यह प्रयास किया है.
थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि सेवा का यह सिलसिला आज थमा नहीं है. यह कार्यक्रम 15 जनवरी तक लगातार जारी रहेगा. रानीगंज मुख्य थाने के बाद अब अगले तीन दिनों में थाना अंतर्गत आने वाली विभिन्न चौकियों में भी इसी तरह के आयोजन किए जाएंगे.
इस पहल की स्थानीय नागरिकों द्वारा काफी सराहना की जा रही है, जिससे पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती दिख रही है.


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