रानीगंज: स्थानीय प्रतिष्ठित संस्थान एचबी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड माइनिंग में संस्थान का 122वां वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया. इस अवसर पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय "कोल इंडिया भूमिगत खनन में सुरक्षा: सेफ्टी चैलेंजेस अगेंस्ट इंक्रीजिंग प्रोडक्टिविटी फ्रॉम अंडरग्राउंड माइनिंग" रहा.
सुरक्षा के साथ समझौता नहीं: सतीश झा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने सेमिनार को संबोधित करते हुए भूमिगत खनन की जटिलताओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन बढ़ाना आज की जरूरत है, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है. उन्होंने कोल इंडिया में सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं को कम करते हुए उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है.
सेमिनार में खनन जगत की कई दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मुख्य रूप से उपस्थित थे कौशिक सेनगुप्ता डिप्टी डायरेक्टर, डीजीएमएस धनबाद.माधव भट्टाचार्य माइनिंग इंजीनियर,सुपर्णा जाना: विभागाध्यक्ष, माइनिंग इंजीनियरिंग.
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर अनुपम रॉय के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने अतिथियों का अभिनंदन किया. समारोह को सफल बनाने में स्टूडेंट यूनियन के महासचिव तन्मय पात्रा और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई. इस अवसर पर कोल इंडिया के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे.


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