रानीगंज: लाइफ इंश्योरेंस एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की रानीगंज शाखा का 18वां वार्षिक सम्मेलन रविवार को रामदास केदारनाथ जी भवन में संपन्न हुआ. वर्ष 1964 में स्थापित इस संगठन के सम्मेलन में करीब 180 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और बीमा क्षेत्र में एजेंटों व ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की.
100% एफडीआई और 'बीमा सुगम' पर कड़ा ऐतराज
सम्मेलन को संबोधित करते हुए लिय़ाफी के अखिल भारतीय केंद्रीय अध्यक्ष श्यामल चक्रवर्ती ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई लागू होने से एलआईसी एजेंटों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.साथ ही, प्रस्तावित 'बीमा सुगम' कानून से ग्राहकों और एजेंटों के बीच का संपर्क टूटेगा, जिससे भविष्य में व्यापार करना कठिन हो जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होगा.
एजेंटों और पॉलिसीधारकों के लिए प्रमुख मांगें
मंच के माध्यम से संगठन ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं जिनमे पॉलिसीधारकों के बोनस और उनकी आयु सीमा में वृद्धि की जाए.एजेंटों के कमीशन ढांचे में सुधार हो.ग्रेच्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस की राशि बढ़ाई जाए.
सम्मेलन के अंतिम चरण में रानीगंज शाखा की नई कार्यकारी समिति की घोषणा की गई, जिसमें निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गईअध्यक्ष पूर्णदास बाउरी, सचिव नंदन आस तथाकोषाध्यक्ष पियास घोष बनाये गए.
इस सम्मेलन में मुख्य रूप से अखिल भारतीय महिला चेयरपर्सन केका चक्रवर्ती, विष्णुपुर शाखा के माणिक कर्मकार, स्टाफ यूनियन से दिलीप दास, रानीगंज शाखा के अध्यक्ष अलोक चटर्जी, सचिव रामकृष्ण चटर्जी और उपाध्यक्ष भवतोष देवघरिया सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे. सभा के अंत में वक्ताओं ने सभी प्रतिनिधियों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया.


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