कोलकाता अग्निकांड पर बरसे संगठन के नेता, कहा- बंगाल के श्रमिकों की जान से खिलवाड़ कर रहे 'बाहरी' मालिक
रानीगंज: गणतंत्र दिवस के दिन कोलकाता स्थित 'वाउ मोमो' के गोदाम में लगी भीषण आग और उसमें हुई श्रमिकों की मौत के खिलाफ रविवार को रानीगंज में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. 'बांग्ला पोखो' संगठन के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने एनएसबी रोड स्थित मोमो आउटलेट के सामने जमकर नारेबाजी की और संस्था के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
"19 की मौत, 26 अब भी लापता"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बांग्ला पोखो की रानीगंज शाखा के सचिव राजा बनर्जी ने घटना की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब तक 19 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 श्रमिक अभी भी लापता हैं.आशंका जताई जा रही है कि लापता श्रमिक भी आग की भेंट चढ़ चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से आए मालिक बंगाल के श्रमिकों का न केवल शोषण कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं.
संगठन ने इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर संस्था के प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है.राजा बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा की मृतक श्रमिकों के परिवारों को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. यदि प्रत्येक पीड़ित परिवार को यह राशि नहीं दी गई, तो बांग्ला पोखो पूरे बंगाल में कहीं भी 'वाउ मोमो' का व्यापार चलने नहीं देगा.
संगठन के जिला कमेटी सदस्य बप्पादित्य चक्रवर्ती और सह-सचिव काजल दास गुप्ता ने भी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की.उन्होंने कहा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और शोषण का परिणाम है. उन्होंने मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले.
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे. रानीगंज में हुए इस प्रदर्शन ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य स्तर पर और तूल पकड़ सकता है.



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