मुर्शिदाबाद/नई दिल्ली ( न्यूज़ एशिया ): मुर्शिदाबाद के भरतपुर से निलंबित तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर द्वारा प्रस्तावित 'बाबरी मस्जिद' के लिए भारी मात्रा में धन उगाही का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रेजिनगर स्थित उनके आवास पर 11 ट्रंक नकदी से भरे हुए हैं, जिन्हें गिनने के लिए मशीनें मंगवाई गई हैं। अब, इस विशाल धन के स्रोत का पता लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय खुफिया एजेंसियों (Central Financial Intelligence Agencies) ने जाँच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है बैंक के माध्यम से नहीं, बल्कि विभिन्न व्यक्ति अपना नाम और पहचान गुप्त रखते हुए 100, 200, और 500 रुपये के बंडल नोटों में दान दे रहे हैं। हुमायूं कबीर का दावा है कि पहले ही दिन बैंक के माध्यम से पाँच करोड़ एक लाख रुपये जमा हुए। उनके अनुसार, केवल QR कोड स्कैन करके रविवार को 93 लाख रुपये जमा किए गए। पैसा गिनने के लिए हुमायूं कबीर के रेजि नगर स्थित आवास पर नोट गिनने की मशीनें लाई गई हैं और इस काम में 30 लोगों को लगाया गया है। भरतपुर के विधायक का कहना है कि मस्जिद, हेलीपैड, होटल, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इधर हुमायूं कबीर द्वारा गठित ट्रस्ट पर कई टीमें बनाकर निगरानी रखी जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि इतना बड़ा फंड कौन दे रहा है खुफिया सूत्रों से पता चला है कि पैसा सुदूर तुर्की से पाकिस्तान और बांग्लादेश होते हुए मुर्शिदाबाद पहुँच रहा है। खबर है कि विभिन्न तस्करी गिरोहों से जुड़े गैंग भी 'धार्मिक भावना' के तहत पैसा भेज रहे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी है कि उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद और बिहार के एक बड़े हिस्से को मिलाकर कुछ तस्कर गिरोह एक बड़ा 'मुक्त क्षेत्र' बनाना चाहते हैं। इसके पीछे बांग्लादेश के कई आतंकवादी संगठनों और पाकिस्तान की साज़िश का भी हाथ होने का संदेह है। एजेंसियाँ जानना चाहती हैं कि अचानक इतने लोग किस उद्देश्य से मस्जिद निर्माण के लिए इतना पैसा दान दे रहे हैं। हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया और रविवार को खुद ईंट लेकर वहाँ पहुँचे थे। उनका दावा है कि बीरभूम (रामपुरहाट, सीउड़ी) और मालदा से भी कई लोगों ने 'बाबरी' मस्जिद बनाने का अनुरोध किया है। हुमायूं कबीर ने बीरभूम और मालदा में भी 'बाबरी' मस्जिद के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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