बाँकुड़ा- चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की जारी मतदाता सूची जारी होने के बाद बाँकुड़ा जिले में मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जिले की 12 विधानसभा सीटों में जहाँ 11 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम 13 हजार से कम मतदाताओं के नाम कटे हैं, वहीं शहरी बाँकुड़ा विधानसभा में यह संख्या लगभग दोगुनी होकर 22,351 तक पहुँच गई है।
पूरे बाँकुड़ा जिले में कुल 1,32,821 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक नाम कटे हैं शालतोड़ा (12,933), बड़जोड़ा (12,411) और छातना (12,169) में। वहीं सबसे कम कटौती कोतुलपुर (5,678), इंदास (6,858), सोनामुखी (7,933) और तालडांगरा (8,541) में हुई है।
इस असमानता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
भाजपा का आरोप है कि नगर पालिका पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लंबे समय से बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं को सूची में रखा गया था।
वाम दलों का कहना है कि रोजगार की कमी के कारण शहर आए लोग वापस गाँव या दूसरे राज्यों में चले गए, जिससे शहरी मतदाताओं के नाम कटे।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने सभी आरोप खारिज करते हुए इसका पूरा दायित्व चुनाव आयोग पर डाल दिया है।
शहरी बाँकुड़ा विधानसभा में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने को लेकर यह मुद्दा अब जिले की राजनीति का केंद्र बन गया है।

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