रानीगंज: सियारसोल राजबाड़ी मैदान में संस्कार फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'अपने-अपने राम' कथा के दूसरे दिन प्रख्यात कवि और राम कथा वाचक डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी ओजस्वी वाणी से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन के उन अनछुए पहलुओं को उजागर किया, जिसने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया.
संशय के पक्षी को उड़ाएगी राम कथा
कथा के दौरान डॉ. विश्वास ने गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाइयों का संदर्भ देते हुए कहा कि कलयुग में मनुष्य का मन संशयरूपी पक्षियों का बसेरा बन गया है. उन्होंने जोर देकर कहा, "जब भी जीवन में संदेह या असमंजस की स्थिति पैदा हो, तो राम की शरण में चले जाना चाहिए.जिस प्रकार प्रभु राम ने पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार किया था, उसी प्रकार वे हमारे मन के विकारों और संदेहों को दूर कर हमारा भी उद्धार करेंगे.उन्होंने कहा कि कठिन समय मे व्यक्ति को धैर्य से काम लेना चाहिये,उन्होंने अपने जीवन के कठिनाइयों भरे दिन का उल्लेख करते हुए कहा हर कठिन वक्त के पश्चात और अच्छे समय आते है.
भक्ति और भजनों से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
कार्यक्रम के दौरान डॉ. कुमार विश्वास द्वारा प्रस्तुत राम भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। उन्होंने बताया कि श्री राम का जीवन केवल एक गाथा नहीं, बल्कि संयम, शांति और निष्कपट व्यवहार की पाठशाला है. कथा के अंतिम चरण में कुमार विस्वास द्वारा प्रस्तुत भजन जरा धीरे-धीरे गाड़ी हांक मेरे राम गाड़ीवाले" में हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल राममय हो उठा.
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कथा के दूसरे दिन क्षेत्र की कई गणमान्य हस्तियां भी प्रभु राम की महिमा सुनने पहुँचीं मुख्य रूप सेकवि दत्ता (चेयरमैन, आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण ),तापस बनर्जी (विधायक, रानीगंज)अमरनाथ चटर्जी (चेयरमैन, आसनसोल नगर निगम) थे.
आयोजक सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर प्रभु का आशीर्वाद लिया. स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए.



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