रानीगंज- दुर्गा पूजा के सफल आयोजन के बाद, रानीगंज शहर में भक्ति और उल्लास के वातावरण में माँ दुर्गा को विदाई दी गई.शहर की प्रमुख पूजा कमेटियों ने विशाल विसर्जन शोभायात्राएँ निकालीं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और अगले वर्ष जल्द आने की कामना के साथ माँ को विसर्जित किया.
सालडांगा दुर्गा उत्सव कमेटी का 176वाँ साल
रानीगंज के सालडांगा दुर्गा उत्सव पूजा कमेटी द्वारा आयोजित पूजा का इस बार 176वाँ साल था. इस ऐतिहासिक आयोजन में कमेटी ने इस वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' को अपना विशेष थीम बनाया था, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय रहा. इसके अलावा, कमेटी ने भव्य पूजा पंडाल और आकर्षक रोशनी (लाइट) की व्यवस्था की थी.
विसर्जन के लिए, कमेटी ने सालडांगा भगत पाड़ा से एक विशाल शोभायात्रा निकाली. यह शोभायात्रा रानीगंज के मुख्य मार्गों जैसे पीएम मालिया रोड, सियार रोड और डालपट्टी से होते हुए अंततः बरदही तालाब पहुँची. यहाँ पर सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने बाजे-गाजे के साथ माँ को विदाई दी और अगले वर्ष और जल्दी आने के लिए माँ दुर्गा से प्रार्थना की.
विवेकानंद पल्ली की विशाल शोभायात्रा
सालडांगा के साथ-साथ, रानीगंज की विवेकानंद पल्ली की तरफ से भी भव्य विसर्जन समारोह आयोजित किया गया. विवेकानंद पल्ली पिछले दो वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। उन्होंने भी एक विशाल पंडाल बनाकर पूजा का आयोजन किया था.
कमेटी के सदस्यों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में विवेकानंद पल्ली ने भी रानीगंज शहर में एक विशाल शोभायात्रा निकाली.इस दौरान भक्तों ने माता के नाम के जयकारे लगाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा. उनकी प्रतिमा का विसर्जन भी बरदही तालाब में किया गया.
इन दोनों प्रमुख कमेटियों के अलावा, रानीगंज की अन्य पूजा कमेटियों की तरफ से भी माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ. पूरा शहर इस दौरान एक भावुक और भक्तिपूर्ण माहौल में डूबा रहा, जहाँ एक ओर पर्व के समापन का दुःख था, वहीं दूसरी ओर अगले वर्ष के मिलन की उत्सुकता.











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