आसनसोल: दुर्गा पूजा के बाद विजयादशमी के दिन पारंपरिक रूप से निकलने वाला महावीर अखाड़ा कल आसनसोल में बड़े उत्साह और भव्यता के साथ निकाला गया। इस आयोजन में विभिन्न पूजा कमेटियों के सदस्यों के साथ-साथ महावीर अखाड़ा कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया।
उत्साह और सुरक्षा के बीच आयोजन
इस पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में विशिष्ट लोग और आम जनता मौजूद रही। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार था।
युवाओं और महिलाओं का शौर्य प्रदर्शन
अखाड़े में शामिल हुए युवाओं ने अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने शारीरिक बल और कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि देखने वाले दाँतों तले उंगली दबा लिए।
खास बात यह रही कि इस बार अखाड़े में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना शौर्य दिखाया। उनके प्रदर्शन को देखकर यह स्पष्ट हो गया कि आज के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाओं की भागीदारी ने इस पारंपरिक आयोजन को एक नई और सशक्त दिशा दी।
यह महावीर अखाड़ा धार्मिक उत्साह, शौर्य और सामाजिक सद्भाव का एक शानदार संगम था, जिसने आसनसोल की सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

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