कटवा, पूर्व बर्दवान – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना एक बार फिर मां लक्ष्मी से की गई है। इस बार तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने यह बड़ा बयान दिया है। रविवार को पूर्व बर्दवान के काटोआ 1 नंबर ब्लॉक के पञ्चानन तला हाई स्कूल मैदान में आयोजित विजया सम्मेलन के मंच से बोलते हुए घोष ने कहा,
"मां लक्ष्मी ही हैं ममता बनर्जी। लक्ष्मी भंडार योजना इसका प्रमाण है।"
कुणाल घोष का यह बयान तृणमूल कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना का ज़िक्र करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस योजना से हर घर में मां लक्ष्मी आई हैं, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ही इसे संभव किया है।
विपक्ष पर तीखा तंज: 'डाकिनी, योगिनी और पिशाच'
मुख्यमंत्री की तुलना मां लक्ष्मी से करने के बाद कुणाल घोष यहीं नहीं रुके। उन्होंने मंच से ही विपक्ष पर तीखा निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा:
"जब ममता बनर्जी मां लक्ष्मी हैं, तब विपक्ष में बैठे कुछ लोग डाकिनी, योगिनी और पिशाच।"
घोष ने यह बात जाने-माने संगीतकार सलिल चौधरी के एक गीत के माध्यम से कही, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस विजया सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व बर्दवान जिला अध्यक्ष रवींद्रनाथ चट्टोपाध्याय भी शामिल थे। पार्टी के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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