रानीगंज- दुर्गा पूजा से पहले आनन-फानन में की गई रानीगंज की सड़कों की 'मरम्मत' महज एक लीपापोती साबित हुई है. नगर निगम द्वारा किए गए अस्थाई समाधान की कलई पूजा के दौरान हुई बारिश ने खोल दी है,जिन रास्तों को राख और मलबे से भरकर ठीक करने का दावा किया गया था, अब वहाँ फिर से बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं, जिसने आम नागरिकों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है.
फौरी राहत बनी स्थायी आफत
स्थानीय लोगों की बार-बार की शिकायतों और आसनसोल नगर निगम तथा रानीगंज बोरो कार्यालय को दिए गए आवेदनों के बाद, दुर्गा पूजा को देखते हुए सड़कों की हालत सुधारने का कार्य शुरू किया गया था. लेकिन यह सुधार कार्य सड़कों के स्थाई समाधान के बजाय, गड्ढों में काली छाई (राख) और टूटे-फूटे मलबे भरकर केवल अस्थाई तौर पर लीपापोती तक सीमित रहा.
जैसा कि अक्सर अस्थाई समाधानों के साथ होता है, समस्या कुछ दिनों के लिए आँखों से ओझल तो हो गई, लेकिन उसका निराकरण नहीं हुआ.इसका परिणाम पूजा के दौरान हुई सामान्य बारिश के बाद सामने आया.
बारिश ने उजागर किया सड़कों का असली हाल
बारिश का पानी पड़ते ही तथाकथित 'मरम्मत' किए गए रास्तों से राख बह गई और मलबा उखड़ गया. सड़कों पर फिर से विशाल गड्ढे दिखाई देने लगे, जिनमें अब पानी भर गया है.इन जलभराव वाले गड्ढों के कारण रास्तों से गुजरना बेहद खतरनाक और परेशानियों भरा हो गया है. दुपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय निवासियों में नगर निगम के इस अदूरदर्शी रवैये को लेकर गहरा आक्रोश है.
कब गंभीर होगा नगर निगम?
इन रास्तों पर निकलने वाले लोगों का स्पष्ट कहना है कि अगर किसी समस्या का स्थाई समाधान न किया जाए और उसे सिर्फ फौरी तौर पर सुलझाने का प्रयास किया जाए, तो वह समस्या बाद में और ज्यादा विकराल रूप धारण कर लेती है. रानीगंज की सड़कों की हालत इसका जीता-जागता उदाहरण है.
राहगीरों और दुकानदारों ने सवाल उठाया है कि आखिर आसनसोल नगर निगम सड़कों की मरम्मत को लेकर कब गंभीर होगा और अस्थाई समाधान के बजाय स्थाई और टिकाऊ समाधान करेगा? नागरिकों की मांग है कि सड़कों को जल्द से जल्द वैज्ञानिक और मजबूत तरीके से बनाया जाए ताकि यह समस्या बार-बार न दोहराई जाए।




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