सिलीगुड़ी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी करते हुए तेजी लाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर हुए हमले से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए त्वरित राहत
पिछले सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने सिलीगुड़ी पहुँची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता लौटने से पहले पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युद्धस्तर पर सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचा रही है।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की जानकारी देते हुए कहा,
"कल रात से अब तक लगभग 400 राहत किट तैयार किए गए हैं। इन बैगों में लाल मिर्च, हल्दी जैसे आवश्यक मसाले, महिलाओं के लिए साड़ी, और अन्य जरूरी वस्तुएँ शामिल हैं। इनमें से कई इलाकों में वितरण का काम शुरू भी हो चुका है।"
पंचायत मंत्री संभालेंगे मोर्चा
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राहत कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पंचायत मंत्री को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा,
“आज पंचायत मंत्री मयनागुड़ी और अन्य बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाएंगे और राहत कार्यों की निगरानी करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि सबसे कम समय में पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुँचाई जाए।”
त्रिपुरा हमले पर टालमटोल
जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर पर हुए कथित हमले को लेकर प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और इस मामले को टाल दिया।
उत्तर बंगाल की स्थिति पर सक्रियता दिखाने के बावजूद, त्रिपुरा के राजनीतिक घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्षी दल इसे त्रिपुरा में तृणमूल के विस्तार को लेकर कमजोर पड़ती रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

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