जामुड़िया: आगामी काली पूजा और छठ पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से, जामुड़िया थाना ने पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अपने परिसर में एक शांति समिति कमिटी बैठक का आयोजन किया. बैठक में दोनों प्रमुख त्योहारों से संबंधित पूजा कमेटियों ने अपनी-अपनी सुविधाओं और असुविधाओं को लेकर खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं.
इस अवसर पर, एसीपी सेंट्रल बिमान कुमार मिर्धा, सीआई सुशांतो चटर्जी, जामुड़िया थाना प्रभारी सोमेन्द्र नाथ ठाकुर सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. इनमें श्रीपुर फाड़ी इंचार्ज मेहराज अंसारी, चुरुलिया फाड़ी इंचार्ज सुशोभन बैनर्जी, केंदा फाड़ी इंचार्ज लखीनरायन दे, और ट्रैफिक ओसी सुबीर सेन शामिल थे.
गणमान्य नागरिकों में इंद्र बाध्यकर, सुब्रतो अधिकारी, पवन अग्रवाल, जयप्रकाश दुकानिया के अलावा स्थानीय पार्षद और दोनों पूजा कमेटियों के सदस्य भी उपस्थित थे.
शांतिपूर्ण समापन की अपील
बैठक के दौरान, सुब्रतो अधिकारी ने जामुड़िया निवासियों को दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण समापन के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार दुर्गा पूजा संपन्न हुई है, उसी प्रकार काली पूजा, दीपावली और छठ पर्व भी शांति और सद्भाव के साथ सम्पन्न होंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस अपना कार्य करेगी, लेकिन इसके लिए आम जनता को भी सचेत और सहयोग करना होगा.
पुलिस की ओर से जारी दिशानिर्देश
पुलिस की ओर से उपस्थित अधिकारियों ने सभी को काली पूजा, दीपावली और छठ पूजा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान दिए गए गाइडलाइन के सफल अनुपालन से ही शांतिपूर्ण पूजा संभव हो पाई थी. ठीक उसी तरह, इन त्योहारों में भी शांति बनाए रखने के लिए सभी को दिशानिर्देशों का पालन करना होगा,जिनमें सभी काली पूजा पंडाल कमेटियों को अपने-अपने पंडालों में पर्याप्त स्वयंसेवकों को नियुक्त करना होगा. आतिशबाजी पंडालों से दूर करें ताकि चिंगारी से कोई दुर्घटना न हो कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले उसकी सूचना थाना को दें. रात 10 बजे के बाद बाजा (लाउड म्यूजिक) पूरी तरह बंद कर दें. जुआ खेलने वाले लोगों पर कड़ी नज़र रखी जाएगी.
छठ घाटों के लिए विशेष सतर्कता
छठ पर्व के दौरान छठ घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए. छठ पूजा कमेटियों को विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कहा गया कि. अधिक गहराई वाले तालाबों या जलाशयों में जहाँ पानी ज़्यादा हो, उस स्थान को निशानी लगाकर चिन्हित किया जाए ताकि लोग उस जगह पर न जाएँ. पर्व के दौरान चारों ओर पुलिस की चौकसी बनी रहेगी.
सभी कमेटियों ने पुलिस और प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया.



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