महिषादल, पूर्व मेदिनीपुर – दुर्गा पूजा के लिए राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे भारी-भरकम अनुदान के बावजूद चंदा मांगने की प्रथा का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व मेदिनीपुर के महिषादल इलाके में एक स्थानीय निवासी ने अपने घर पर पोस्टर लगाकर इस जबरन चंदा वसूली के खिलाफ अनोखा विरोध जताया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पोस्टर में लिखा है 'हमें शर्मिंदा न करें'
घर की दीवार पर लगे इस पोस्टर पर साफ-साफ लिखा है:
"राज्य सरकार जब पूजा के लिए अनुदान दे रही है, तब भी हमारे घर आकर जबरन चंदा क्यों माँगा जा रहा है? कृपया चंदा माँगकर शर्मिंदा न करें।"
परिवार ने आरोप लगाया है कि कई पूजा कमेटियाँ उनके घर आकर जबरन चंदा वसूलती हैं। जब कोई व्यक्ति चंदे की राशि पर आपत्ति जताता है, तो पैसे फेंककर उन्हें अपमानित किया जाता है। परिवार का कहना है कि सरकार से ₹1,10,000 का अनुदान मिलने के बाद भी चंदा मांगना अनुचित है।
विरोध का कारण: सरकारी मदद के बाद भी दबाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाले पर्याप्त अनुदान के बावजूद भी कई पूजा कमेटियाँ आम लोगों पर चंदा देने का दबाव बनाती हैं। इसी बात से नाराज होकर महिषादल के इस निवासी ने पोस्टर लगाकर अपनी भड़ास निकाली। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का विषय गरम हो गया है।
कुछ लोग इस परिवार के साहस की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ पूजा आयोजकों ने इसे कमेटियों की छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है और क्या सरकार के अनुदान के बावजूद चंदा वसूली की इस प्रथा पर कोई रोक लग पाएगी या नहीं


0 टिप्पणियाँ